राघवेन्द्र कुमार राघव–
जीवन चाहे जितनी भी परीक्षाएँ ले,
कितने ही कठिन मोड़
क्यों न आएँ,
बस एक दीप
सदैव जलाए रखना—
“मैं कर सकता हूँ…
मैं आगे बढ़ सकता हूँ…
और मेरा विश्वास
मुझे वहीं पहुँचाएगा
जहाँ मेरी नियति
चमकती है।”
यही विश्वास
जीवन की वह शक्ति है,
जो अधूरे को
पूरा कर देती है,
बिखरे को समेट लेती है,
और इंसान को
अपनी ही सीमाओं से
ऊपर उठा देती है।
Related Articles
शांति का प्रतीक धर्मप्रिय सत्यशील ऐसा देश है हमारा
August 14, 2019
0
कविता : मेरे कृष्ण कन्हाई
May 10, 2022
0
कुवैत के इंटरनेशनल मुशायरे में हरदोई के युवा शायर सलमान जफर करेंगे शिरकत
October 22, 2017
0