आज़ादी के अमृत महोत्सव का आयोजन
सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ की ओर से ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के अवसर पर २० मई को विश्वविद्यालय-परिसर मे राष्ट्रीयता से ओत-प्रोत विविध प्रकार के आन्तर्जालिक राष्ट्रीय आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व-कार्यक्रम समन्वयक डॉ० अजय शुक्ल के संयोजकत्व में किये गये।
इस अवसर पर समारोह का उद्घाटन करते हुए, अन्तरराष्ट्रीय भाषाविज्ञानी, समीक्षक एवं मीडियाध्ययन-विशेषज्ञ प्रयागराज के आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने अपना मत व्यक्त किया– आज़ादी की लड़ाई मे हमारे देश के साहित्यकारों की महती भूमिका रही। इसे हमारे समाज के उस प्रबुद्ध-वर्ग को बताने-समझाने की आवश्यकता है, जो सिर्फ़ परम्परागत क्रान्तिकारियों से आगे बढ़ नहीं पाते। उन साहित्यकारों ने लेखनी से ही नहीं, अपितु मैदान मे निकलकर भी अँगरेज शत्रुओं को ललकारा था, जिसके लिए उन्हें कारावास का दण्ड भी मिला था। गणेशशंकर विद्यार्थी, माखनलाल चतुर्वेदी, बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’, सुभद्राकुमारी चौहान, यशपाल, फणीश्वरनाथ रेणु, प्रेमचन्द आदिक ऐसे साहित्यकार थे, जो मन-वचन-कर्म से आज़ादी की लड़ाई मे सक्रिय थे, परिणामत: उन्हें कारावास का दण्ड भी मिला; किन्तु वे अपने क्रान्तिकारी पथ से विचलित नहीं हुए थे।
संयोजक डॉ० अजय शुक्ल ने कहा– हमारी आज़ादी हमे यों ही नहीं मिली थी, उसके लिए हमारी देश की पराधीन जनता ने संघटित होकर अँगरेज़ों को ललकारा था। हमारे देश के दो क्रान्तिकारी दल ‘नरम दल’ और ‘गरम दल’ ने अपने-अपने तरीक़े से योजना बनाकर अँगरेज़ों को देश छोड़ने के लिए बाध्य कर दिया था।
एस० के० एम० यू० मे हिन्दीविभागाध्यक्ष डॉ० विनय सिन्हा ने कहा– हमारे क्रान्तिकारियों और स्वतन्त्रता-सेनानियों के संकल्प और त्याग का परिणाम है, जो आज हम आज़ादी के ७५ वर्ष मना रहे हैं।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता सह प्रभारी कुलपति डॉ० संजय कुमार सिंह ने कहा– हम धन्य हैं, जो आज आज़ाद देश मे मुक्त हवा का आनन्द ले रहे हैं, जिसका श्रेय हमारे महान् क्रान्तिकारियों को जाता है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या मे विद्यार्थी उपस्थित थे, जिनमे माइकेल डुडू, अमित बैढ, सर्वधन हुडू, संतोष हाँसदा, छित्रा किस्कू, किरण किरणू, मीना हेम्ब्रम, अमिता मुर्मू, बसन्ती टुडू, श्रिथाली हेम्ब्रम आदि की सक्रिय सहभागिता रही।
इस समारोह के अन्तर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं की विजेता-विजेत्रियों को पारितोषिक प्रदान किये गये।