गांवों में साफ-सफाई रखने के लिए उज्ज्वला योजना की महिला लाभार्थियों को श्री मोदी किया प्रोत्साहित

कल विभिन्न राज्यों से आयीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की महिला लाभार्थियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित की गई एलपीजी पंचायत में भाग लिया । राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट कहती है कि चारदीवारी के अंदर की हवा के प्रदूषण से भारत में हर साल तकरीबन पांच लाख लोग असमय मृत्यु का शिकार बन जाते हैं । ‘उज्ज्वला योजना’ महिलाओं के स्वास्थ्य, समय, ऊर्जा और रूपये-पैसे की दृष्टि से लाभ पहुँचाते हुए नारी सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान कर रही है । महिलाओं के स्वास्थ्य, कल्याण और सशक्तिकरण के जरिये सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने के इन सराहनीय प्रयासों के लिए, मैं धर्मेंद्र प्रधान जी और ‘केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय’ को बधाई देता हूं । पूरे देश के लिए खुशी की बात है कि ‘उज्ज्वला योजना’ की सहायता से अभी तक 3 करोड़ 40 लाख से अधिक परिवारों को तकलीफ़ों से मुक्ति मिल गई है। अब 3.40 करोड़ महिलाओं समेत लगभग चौदह से पंद्रह करोड़ की आबादी रसोई-घर के धुएँ से आजाद हो गई है ।

इस दौरान बालिकाओं के साथ सभी तरह के भेदभाव खत्‍म करने की जरूरत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देते हुए नई दिल्‍ली में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की एक सौ से अधिक महिला लाभार्थियों के साथ मुलाकात में प्रधानमंत्री ने यह बात कही । गांवों में साफ-सफाई रखने के लिए भी श्री मोदी ने उन्‍हें प्रोत्साहित किया । उन्होंने कहा कि इससे पूरे गांव के वातावरण में सुधार होगा और इसी तरह से उज्ज्वला योजना से परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य भी सुधरेगा । प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में महिला लाभार्थियों ने यह भी बताया कि रसोई गैस से कैसे उनके जीवन में सुधार हुआ है । श्री मोदी ने महिलाओं को अपने दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आपस में बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया । उनसे मिली प्रतिक्रिया के जवाब में प्रधानमंत्री ने हर घर को बिजली उपलब्‍ध कराने की केंद्र की सौभाग्‍य योजना का भी जिक्र किया। उज्ज्वला योजना के लिए प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कुछ लाभार्थियों ने कुछ अन्य विशिष्ट विकास चुनौतियों की चर्चा भी की ।