प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार निरंतर गांवों के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए बजट में आवंटित राशि से अधिक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों पर ईमानदारी से अमल होता है ताकि उस पैसा का लाभ सही लोगों को मिल सके। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के मंडला में देशभर से आये पंचायती राज प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि ग्राम वासियों को सशक्त बनाने के कार्य में केन्द्र उनकी सहायता करेगा। उन्होंने पंचायती राज प्रतिनिधियों से जनधन, वन धन और गोबर धन योजनाओं पर ध्यान देने की अपील की और यह सुनिश्चित करने को कहा कि लोग जनधन खाते खोलें और सरकारी बीमा योजनाओं का लाभ उठायें।
एक जन-धन, दूसरा वन-धन और तीसरा गोबर-धन ये तीन चीजों से हम गांव की अर्थव्यवस्था में एक बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। जन-धन योजना से अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा में हम हर परिवार को, हर नागरिक को ला सकते हैं। वन-धन हमारी जो यहां वन संपदाएं हैं उसका मूल्य समझ करके। तीसरी बात गांव का गोबर उसमें से गैस पैदा हो सकती है, उसमें से बिजली निकल सकती है, उसमें से उत्तम प्रकार का खाद बन सकता है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत में तभी परिवर्तन आयेगा जब गांवों में परिवर्तन आयेगा। श्री मोदी ने कहा कि आज बजट समस्या नहीं है, बल्कि जरूरी है कि योजनाएं ईमानदारी से लागू हो, और इसका लाभ लोगों तक पहुंचे। बजट की चिंता कम है। आज चिंता है बजट का पैसों का सही उपयोग कैसे हो, सही समय पर कैसे हो, सही काम के लिए कैसे हो, सही लोगों के लिए कैसे हो और जो हो इसमें ईमानदारी भी हो, पारदर्शिता भी हो और गांव के हर किसी को पता होना चाहिए कि ये काम हुआ, इतने पैसों से हुआ और ये गांव को हिसाब मैं दे रहा हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षा के लिए गांवों में पर्याप्त सुविधाएं मुहैया कराई हैं और छात्रों को नियमित रूप से स्कूल जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने देश के किसानों से खेती की नई तकनीक अपनाने का आह्वान किया। इससे पहले श्री मोदी ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान का शुभारंभ किया। यह योजना ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना के तहत प्रशिक्षण, आधारभूत ढांचे के निर्माण और ई-गवर्नेंस के लिए प्रयास करने पर जोर देती है। श्री मोदी ने मनेरी में भारतीय तेल निगम के एल.पी.जी. संयंत्र की आधारशिला रखी। उन्होंने प्राचीन आदिवासी संस्कृति और धरोहर के संरक्षण पर आधारित तीन दिवसीय कार्यक्रम आदि महोत्सव का उद्घाटन भी किया। इससे पहले, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर जारी अपने ट्वीट में श्री मोदी ने कहा कि यह दिन पंचायती राज संस्थाओं का हिस्सा रहे सभी लोगों के प्रयासों का जश्न मनाने का अवसर प्रदान करता है।