मनहरण-
हिन्दी दिवस की तैयारी पूर्ण हो गई थी। इस अवसर पर आदर्श मध्य विद्यालय के बच्चों एवं शिक्षकों के एक समूह द्वारा कविता पाठ, कहानी पाठ, कहानी लेखन प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया था। गणमान्य लोगों एवं अभिभावकों के साथ-साथ, बच्चों की प्रतिभा की खबर अखबारों में भी छपे, इसके लिए प्रेस वालों को कार्यक्रम की सूचना दे दी गई थी।
बच्चों द्वारा स्वरचित एक से एक बेहतरीन कविताओं, कहानियों की पाठ की गई। लाउडस्पीकर की भी व्यवस्था की गई थी। आसपास कार्यक्रम में बेहतरीन कविताओं का पाठ सुनकर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई थी। भीड़ इतनी बढ़ गई कि लोग हॉल के बाहर खिड़की से झांक कर बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद ले रहे थे। कई लोग खुद को कोस रहे थे, ‘पहले मालूम होता तो सबेरे ही सीट आकर छेक लेते।‘ कार्यक्रम समाप्त होने पर था, गुरूजी चिंतित थे कि इतना अच्छा कार्यक्रम हो गया, पेपर में भी छप जायेगा, तो बच्चों का उत्साह बढ़ जायेगा। कई बार कॉल किये पर कोई पत्रकार नहीं आया।
उसी दिन एक बहुत बड़े नेता का काफिला शहर से गुजरना था। नेताजी का 10 मिनट ठहरने का कार्यक्रम एक स्थानीय नेता छब्बू खां के आवास पर निर्धारित था। छब्बू खां को आगामी लोकसभा चुनाव में टिकट लेने के लिए ऐड़ी-चोटी एक किये हुए थे। उनके द्वारा खुद को ‘हाईलाईट’ करने के लिए ‘टी.भी.‘, अखबारों के सभी पत्रकारों कों आमंत्रित किया गया था। पत्रकारों के लिए खाने-पीने, सुख-सुविधा की सारी व्यवस्था की गई थी।
बड़े वाले नेता जी आये। कुछ देर छब्बू खां के आवास पर ठहरे और प्रस्थान कर गये। नेता जी के प्रस्थान के बाद छब्बू खां द्वारा पत्रकारों को कई तोहफे दिया गया और जोरदार सत्कार किया गया। टी.भी. चैनलों पर भावी नेता की लोकप्रियता की खबर प्रमुखता से चल रही थी। विद्यालय के कार्यक्रम का खबर नदारद थी।
अगले दिन अखबार आई। बच्चे उत्सकतावश अपने कार्यक्रम की खबर ढूंढने लगे। गुरू जी कहे थे कि कल अखबार में कार्यक्रम के बारे में खबर छपेगा। सबका नाम भी छपेगा। शुरू से लेकर अंतिम तक एक-एक पन्ना पर अपनी खबर ढूंढने के बाद अपने कार्यक्रम से जुड़ी खबर कहीं नहीं मिला। अखबार के मुख्य पृष्ठ से लेकर जिले के पृष्ठ पर छब्बू खां और उनके आवास पर नेती जी के ठहरने की खबर प्रमुखता से छपी थी। क्षेत्र के लोगों में छब्बू खां के बढ़ते कद की चर्चा जोरों पर थी।