वाह रे सरकार… बड़े साहब जाँच करने आये थे या पिकनिक मनाने !

Corruption Feature IV24

नगर पंचायत अझुवा में विकास कार्यों में हुए भ्रष्टाचार की खबरों को संज्ञान मे लेते हुए शासन से औचक निरीक्षण हेतु नोडल अधिकारी भुवनेश कुमार का हुआ नगर आगमन

पूर्व सूचना पर अधिशासी अधिकारी भोर से ही सफाई कर्मियों के लाव-लश्कर के साथ नगर के प्रमुख स्थानों पर साफ-सफाई एवं चूने का छिड़काव कराते दिखे

● नगर के विकास कार्यों मे हुए भ्रष्टाचार के जिम्मेदार लोग अपने प्रशंसकों के साथ नोडल अधिकारी एवं जिले के आलाधिकारियों को त्वरित साफ-सफाई को दिखाकर संतुष्ट करने में आलाधिकारियों के साथ डटे रहे

● निर्माणाधीन गौशाला का नोडल अधिकारी ने किया निरीक्षण,चहारदीवारी के भीतर तक गए परन्तु भ्रष्टाचारियों की लाबी ने उन्हें वहीं से किया संतुष्ट, गौशाला की छत का निरीक्षण करते तो खुल सकती थी पोल ।

IV24 न्यूज ब्यूरो चीफ कौशाम्बी एम डी के साथ काशिफ की ग्राउंड कवरेज :

सिराथू, कौशाम्बी : नगर पंचायत अझुवा में पिछले करीब आठ वर्षों से विकास कार्यों मे हो रहे भ्रष्टाचार सहित नागरिक सुविधाओं मे व्याप्त कमियों की लगातार चल रही शिकायतों व सम्मानित समाचार पत्रों, चैनलों की खबरों को संज्ञान लेते हुए शासन से प्रमुख सचिव दुग्ध विकास, मत्स्य पशुधन विभाग एवं नोडल अधिकारी कोविड-19 श्री भुवनेश कुमार निरीक्षण करने पहुंचे। साथ में जिलाधिकारी कौशांबी श्री अमित कुमार सिंह, ए.डी.एम. कौशांबी श्री मनोज कुमार, डा. वी.पी. पाठक मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कौशांबी व एस.डी. एम. सिराथू राजेश कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

आला अधिकारियों के आगमन की पूर्व सूचना पर सुबह भोर से ही अझुवा के ई.ओ. सूर्यप्रकाश गुप्ता सभी सफाई कर्मियों के साथ वार्ड नं 2 अंबेडकर नगर मलिन बस्ती के कुछ स्थानों सहित प्रमुख मार्गों में साफ सफाई व चूने का छिड़काव कराते दिखे। नगर में अचानक इतनी तेजी से साफ-सफाई एवं चूने आदि का छिड़काव होते देख लोग अचंभे मे थे कि अचानक ऐसा क्या होने वाला है? जो पूरा नगर पंचायत प्रशासन अमला इतनी मुस्तैदी से अपनी कमियों को दुरुस्त करने में लगा है।

नगरवासी कयास लगाने लगे कि शायद कोई वी.आई. पी. व्यक्ति आ रहा है जिसे संतुष्ट करने के लिए औचक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिसका परिणाम भी लोगों को भारी प्रशासनिक लाव-लश्कर के रूप मे देखने को मिला। यह सभी तैयारियां भी उन्हे दिखाने के लिए थीं।

अधिकारी महोदय अपने प्रशासनिक लाव-लश्कर के साथ पधारे तो लेकिन उन्हे रास्ते से ही नगर के अधिकारी, भ्रष्टाचारियों की लाबी एवं उनके चहेतों ने घेर लिया और पहले वे निर्माणाधीन गौशाला गए। जहां वे चहारदीवारी के भीतर तक गए। लेकिन पूरा भ्रष्टाचारी अमला उन्हें बातचीत में उलझाकर वहीं रोक लिया और उन्होनें कमरों का बारीक निरीक्षण नही किया। जिससे गौशाला के निर्माण मे हुई बड़ी कमियों के उजागर होने से भ्रष्टाचारी बच गए। तत्पश्चात उन्हे पहले से साफ कराकर चूने आदि का छिड़काव कराकर प्रमुख स्थान सब्जी मंडी का अवलोकन कराया गया। लेकिन मोक्षधाम (112 लाख), धोबीघाट तालाब (238 लाख) ,हरिजनों के लिए अंत्येष्टि स्थल (80 लाख) आदि योजनाएं करोड़ों रुपए की कई सड़कें, मार्ग प्रकाश योजनाओं से जिम्मेदारों द्वारा भटका दिया गया। हालाकि ऐसा पहली बार नही हुआ। जब किसी बड़े अधिकारी के निरीक्षण पर भ्रष्टाचारी, चाटुकार और संलिप्त अधिकारी उन्हें हाईजैक कर भटकाते रहे हैं और अपनी कमियों को छिपाने के लिए कुछ चुने स्थानों को अचानक चकाचक करके उन्हे संतुष्ट कर वाहवाही लूटते रहे हैं। ऐसा कई बार हो चुका है। ऐसे मे सवाल उठना लाजिमी है कि इन भ्रष्टाचारियों से परे होकर सच्चाई एवं नगर के लोगों के हितों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों की मौजूदगी में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी विकास योजनाओं, गंदगी से परिपूर्ण नगर के सुदूर एवं मलिन वार्डों का भौतिक निरीक्षण एवं इन मामलों मे अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचारियों एवं उनके चाटुकारों की गैर मौजूदगी मे निष्पक्ष जांच व नगर के आम लोगों से पूंछतांछ कब की जाएगी? ताकि हकीकत से पर्दा उठे और भ्रष्टाचार एवं कमियों के जिम्मेदारों पर कठोर कार्यवाही हो सके ?

नगर में हो रहे विकास कार्यों के औचक निरीक्षण करने के लिए शासन द्वारा भेजे गए प्रमुख सचिव व जिले के आला अधिकारियों से नागरिकों ने अपील किया कि सम्पूर्ण वार्डों की दलित व मुस्लिम बस्तियों में व्याप्त गन्दगी, बजबजाती नालियां, टूटी सड़कें , चोक नालियां , जलनिकास आदि मूलभूत सुविधाओं को अनदेखा किया गया है। नागरिकों ने नवागत जिला अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए अपील की है।