अपने घर में रहिये प्यारे, लॉक-डाउन को सहिये प्यारे

अपने घर में रहिये प्यारे ।
लॉक-डाउन को सहिये प्यारे ।
कोरोना ‘चीनी’ विषाणु है,
इससे बचकर रहिये प्यारे ।।

आप सुरक्षित, तो देश सुरक्षित ।
कोरोना- योद्धा भी रक्षित ।
कोविड-19 सूक्ष्म – संचरी,
कोई समझ न पाता प्यारे ।।

धनी देश तक , त्राहिमाम हैं ।
महाशक्तियाँ पाहिमाम हैं ।
‘कोरोना’ इतना घातक है,
जीवन- भीख’ माँगते सारे ।।

युद्ध- काल से भी यह भारी ।
टीका, दवा ,रिसर्च है जारी ।
खोज ही लेगी ‘भारत- प्रतिभा’,
लाभान्वित ‘जन’ होंगे सारे ।।

ट्रेन्स, प्लेन्स तक, रुके हुये हैं।
कल- कारखाने शान्त खड़े हैं ।
‘रुपया’ तो फिर हो जाएगा,
मिलकर ‘देश’ बचाओ प्यारे ।।

क्वारंटाइन, आइसोलेशन ।
‘कोरोना’ यदि हुआ पॉजिटिव,
हॉस्पिटल में रह जाओगे,
होगा कोई न, साथ तुम्हारे ।।

‘फॉलो’ करें डिस्टैनसिंग सोशल ।
बाहर हों , या फिर हों लोकल ।
‘ जागरूकता ही बचाव है’ ,
यही आयेगा काम तुम्हारे ।।

मेरा कहना मानो प्यारे ।
‘जीवन-काज’ करो मिल सारे ।
‘सभी स्वस्थ हों, सभी सुखी हों’ ,
आओ करें प्रार्थना प्यारे ।।

——अवधेश कुमार शुक्ला ‘मूरख हिरदै’ बइशाख-दशमी, कृष्ण 17/04/2020