अनवर जलालपुरी साहब नहीं रहे

मशहूर शायर अनवर जलालपुरी साहब का कल इन्तकाल हो गया । अज़ीम शायर अनवर जलालपुरी का जाना मुल्क की गंगा -जमुनी संस्कृति का बड़ा नुकसान है। अल्लाह जन्नत दे आपको । आप शायरी के ज़रिये हमेशा हमारे बीच रहेंगे । मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने श्री अनवर जलालपुरी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है । श्री अनवर जलालपुरी द्वारा लिखी गयी पुस्तक ‘उर्दू शायरी में गीता’ काफी लोकप्रिय हुई। मुशायरों के संचालन में भी उनकी खास पहचान थी।

जलालपुरी साहब की कुछ पंक्तियाँ-

पराया कौन है और कौन अपना सब भुला देंगे
मताए ज़िन्दगानी एक दिन हम भी लुटा देंगे

तुम अपने सामने की भीड़ से होकर गुज़र जाओ
कि आगे वाले तो हर गिज़ न तुम को रास्ता देंगे

जलाये हैं दिये तो फिर हवाओ पर नज़र रखो
ये झोकें एक पल में सब चिराग़ो को बुझा देंगे