राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक-2017 के विरोध में भारतीय चिकित्सा संघ (आई.एम.ए.) ने हड़ताल शुरू की थी लेकिन नाटकीय ढंग से 12 घण्टे में ही यह समाप्त घोषित कर दी गया । मालूम हो कि देश भर के सभी निजी अस्पतालों में आई.एम.ए. ने ओ०पी०डी० सेवायें निलम्बित कर हड़ताल शुरू की थी ।
पेश किए गए विधेयक में भारतीय चिकित्सा परिषद के स्थान पर नया निकाय बनाने का प्रावधान किया गया है जिसके लिए आई.एम.ए. ने हड़ताल शुरू की थी । भारतीय चिकित्सा संघ के पूर्व अध्यक्ष के. के. अग्रवाल के मुताबिक सरकार उनकी माँगें मानने के लिए सहमत हो गयी है इसलिए अब हड़ताल का कोई मतलब नहीं बचता है । राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक- 2017 को संसद की स्थायी समिति को भेज दिया गया है।