जिला मजिस्ट्रेट शुभ्रा सक्सेना ने बताया है कि नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन 2017 का मतदान 22 नवम्बर को तथा मतगणना 01 दिसम्बर को होना सुनिश्चित है। इस दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा गड़बड़ी किये जाने की आशंका के दृष्टिगत जनपद में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु धारा 144 दिनांक 02 दिसम्बर 2017 तक तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गयी है।
उन्होंने बताया है कि निकाय चुनाव के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का अग्नेयास्त्र बन्दूक, पिस्तौल, रिवाल्वर, राइफल आदि एवं नुकीले शस्त्र, धारदार शस्त्र, लाठी-डण्डा आदि लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं चलेगा, यह आदेश राजकीय कर्मचारियों को पर लागू नहीं होगें तथा जो अन्धे एवं अशक्त हैं डण्डे का सहारा लेकर चलते हैं और सिक्ख समुदाय के वह व्यक्ति जो करौली बांधते हैं उन पर लागू नहीं होगें।
उन्हांेने बताया कि बिना सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के किसी सार्वजनिक स्थल पर पांच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होगे, कोई भी व्यक्ति जनसभा, प्रचार सभा तथा जुलूस आदि सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना आयोजित नहीं करेगा। कोई व्यक्ति अपने मकान अथवा परिसर में किसी प्रकार की ईंट रोड़ा पत्थर व एसिड आदि एकत्रित नहंीं करेगा और नहीं ऐसा करने के लिये किसी को बाध्य करेगा। उन्हांेने कहा कि इस दौरान सार्वजनिक स्थान पर किसी प्रकार के बैनर पोस्टा, झण्डी आदि नही लगाई जायेगी और किसी भी दल विशेष अथवा धर्म, समप्रदाय के प्रति अमर्यादित तथा भावनाओं को भड़काने वाला भाषण नहीं देगें और न ही नारे बैनर, पोस्टर अथवा अन्य प्रकार से ऐसा करने के लिये किसी को उकसायेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि मत प्राप्त करने के लिये किसी भी प्रत्याशी द्वारा जातिगत या साम्प्रदायिक, धार्मिक भावनाओं की अपील नहीं की जायेगी ना ही किसी धार्मिक प्रमुख से अपने पक्ष में मतदान करने के लिये उद्घोषणा कराई जायेगी तथा मस्जिदों, गिरजाघर, मन्दिरों या अन्य पूजा स्थलों का प्रयोग निर्वाचन अभियान के मंच के रूप में नहीं करेगें। उन्होंने कहा कि कोई प्रत्याशी ऐसे कोई पोस्टर, इस्तेहार, पम्पलेट या परिपत्र वितरित नही करेगा जिस पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम न हो तथा लाउडस्पीकर का प्रयोग रात के 10 बजे से प्रातः 06 बजे तक नही किया जायेगा। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों के उम्मीदवारों से कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जुलूस, रैली एवं सभाओं तथा वाहनों का प्रयोग सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना न करें।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि आदेशों का उलंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा- 188 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।