राहुल-प्रियंका ने काँग्रेस के पाँव में कुल्हाड़ी मार ली है

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

राहुल और प्रियंका गांधी/वाड्रा ने मूर्खता का परिचय दे दिया है। विश्वासघाती नवजोत सिंह सिद्धू को काँग्रेस में कैप्टन अमरिन्दर सिंह के समानान्तर लाकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने काँग्रेस के पाँव में कुल्हाड़ी मार दी है। सिद्धू ने ही कहा था, “काँग्रेस तो ‘मुन्नी’ से ज़्यादा बदनाम है।”

कभी मोदी का गुणगान करनेवाला तो कभी अरविन्द केजरीवाल का बखान करनेवाला तो कभी मोदी को धिक्कारनेवाला तो कभी काँग्रेस का अपमान करनेवाला धृष्ट राजनैतिक व्यक्ति नवजोत सिंह सिद्धू काँग्रेस की ‘दो फाड़’ कराने पर उतारू हो चुका है। सिद्धू के चरित्र में कभी एकरूपता नहीं रही; जिसकी गोदी में बैठता है, उसी की ‘चालीसा’ पढ़ता है, फिर उसकी गोदी से कब उतर भागता है, यह बता और समझा पाना आसान नहीं है। इतना ही नहीं, सिद्धू जिस-जिसकी गोदी में बैठ चुका है, उस-उसकी बुरी गति कर चुका है। “जिस पत्तल में खाओ, उसी में छेद करो” को बाख़ूबी जीनेवाला सिद्धू किसी का सगा नहीं रहा है।

राहुल और प्रियंका भूल जाती हैं कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह एक अनुभव-सम्पन्न ‘स्वाभिमानी’ नेता हैं और नवजोत सिंह सिद्धू एक ‘टुकड़ख़ोर मसखरा’। यदि यह प्रकरण तूल पकड़ लेता है तो हो सकता है कि अमरिन्दर सिंह काँग्रेस से अलग हो जायें। ऐसे में, आम आदमी पार्टी के पास एक सुनहरा मौक़ा है, जिसे भुना लेने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़नी चाहिए। केजरीवाल को सीधे कैप्टन अमरिन्दर सिंह के सम्पर्क में बने रहना चाहिए। इससे ‘आप’ को पंजाब में अपनी विस्तारवादी राजनीतिक नीति के क्रियान्वयन् में राजनीति का एक पारंगत ‘हरफ़नमौला’ हाथ लग जायेगा, जिसकी अनुगूँज पंजाब-सीमा से लगे सभी राज्यों के मुख्यमन्त्रियों के कान खड़े कर देने के लिए काफ़ी मानी जायेगी।

अब देखना है, राजनैतिक करवट क्या-क्या गुल खिलाती है!

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १५ जुलाई, २०२१ ईसवी।)