कृष्ण : बांसुरी की मिठास, सुदर्शन की धार और गीता का अमर सत्य

September 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव वह रात साधारण नहीं थी। मथुरा का कारागार अंधकार में डूबा था। बाहर वर्षा अपने प्रचंड वेग में थी। यमुना उफन रही थी। सत्ता के सिंहासन पर बैठा कंस अपने ही […]