”आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की समीक्षा मे सद्भावना और काव्यालोचना मे देशहित और कालगत संस्कार का समावेश है”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
‘सर्जनपीठ’ का राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद प्रयागराज-बलिया। ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे प्रसिद्ध निबन्धकार और आलोचक आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की जयन्ती के अवसर पर ‘साहित्य-जगत् मे आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की सत्ता और महत्ता’ विषयक एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक […]