समय की नाक पर क़दम-ताल करता गिद्ध!
एक अभिव्यक्ति डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पगडण्डियों पर जोड़-घटाना गुणा-भाग करता हुआ पथिक, जो समीकरण बना चुका है, वह भीड़ की आँखों में काँटा बन, खटक रहा है। समय की नाक पर क़दम-ताल करता गिद्ध :– […]
एक अभिव्यक्ति डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पगडण्डियों पर जोड़-घटाना गुणा-भाग करता हुआ पथिक, जो समीकरण बना चुका है, वह भीड़ की आँखों में काँटा बन, खटक रहा है। समय की नाक पर क़दम-ताल करता गिद्ध :– […]