जय बोलो ‘बेईमान’ की!
जय बोलो ‘बेईमान’ की!यह है, ‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी’, प्रयागराज का कृत्य!आप सब नीचे दिख रहे तथाकथित ‘आमंत्रण पत्र’ की हिन्दीभाषा पर दृष्टि-निक्षेपण करेँ। इस साहित्यिक संस्था का गौरवमय अतीत रहा है; परन्तु जबसे इसका राजनीतीकरण कर […]
जय बोलो ‘बेईमान’ की!यह है, ‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी’, प्रयागराज का कृत्य!आप सब नीचे दिख रहे तथाकथित ‘आमंत्रण पत्र’ की हिन्दीभाषा पर दृष्टि-निक्षेपण करेँ। इस साहित्यिक संस्था का गौरवमय अतीत रहा है; परन्तु जबसे इसका राजनीतीकरण कर […]