ये जानता हूँ तुम हमें मानते नहीं

August 21, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मैं तुम्हारे दर्द का हिस्सेदार हूँ,तुम हमारा दर्द मगर जानते नहीं।मैं वफ़ा में मिट रहा हूँ, ख़ुश रहो,ये जानता हूँ तुम हमें मानते नहीं। हर कदम तुमने जज़्बात रौंदे हैं,बेवफ़ाई के […]