दार्शनिक दृष्टिकोण
बहुत ‘पुण्य’ करने पर ही ‘न्याय’ प्राप्त होता है।बहुत ‘न्याय’ करने पर ‘प्रेम’ प्राप्त होता है।बहुत ‘प्रेम करने पर ‘सत्य’ प्राप्त होता है।सत्य ही परम उपलब्धि है। सत्य उपलब्ध होने पर मानव जीवन पूर्णता को […]
बहुत ‘पुण्य’ करने पर ही ‘न्याय’ प्राप्त होता है।बहुत ‘न्याय’ करने पर ‘प्रेम’ प्राप्त होता है।बहुत ‘प्रेम करने पर ‘सत्य’ प्राप्त होता है।सत्य ही परम उपलब्धि है। सत्य उपलब्ध होने पर मानव जीवन पूर्णता को […]