विजय सत्य की हुई हमेशा हारी सदा बुराई है
विजय सत्य की हुई हमेशाहारी सदा बुराई है।आया दशहरे का उत्सवकरनी सबकी भलाई है।बुराई को जलाना हैदशहरे का उत्सव मनाना है।अब नहीं और हमें बुराईको बढ़ाना है।दशहरे के दिन हमें अपनेअंदर के रावण को जलाना […]
विजय सत्य की हुई हमेशाहारी सदा बुराई है।आया दशहरे का उत्सवकरनी सबकी भलाई है।बुराई को जलाना हैदशहरे का उत्सव मनाना है।अब नहीं और हमें बुराईको बढ़ाना है।दशहरे के दिन हमें अपनेअंदर के रावण को जलाना […]