सीखिए और सिखाइए; जीवन व्यर्थ न गँवाइए!

November 26, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आत्मीय आभासी-अनाभासी मित्रवृन्द! आपमे से बहुसंख्य मित्र (शाब्दिक) ऐसे हैँ, जो भयवश मेरे सम्प्रेषण पर कोई टिप्पणी नहीँ करते। उन्हेँ आशंका रहती है कि उनके अशुद्ध लेखन पर सीधे अँगुली […]

सीखिए और सिखाइए; जीवन व्यर्थ न गँवाइए

November 25, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आत्मीय मित्रवृन्द!आपमे से बहुसंख्य आभासी मित्र ऐसे हैं, जो भयवश मेरे सम्प्रेषण पर कोई भी टिप्पणी नहीं करते। उन्हें आशंका रहती है कि उनके अशुद्ध लेखन पर सीधे अँगुली (‘अंगुली’ […]