‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से भारतेन्दु हरिश्चन्द की पुण्यतिथि (६ जनवरी) के अवसर पर राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन
भारतेन्दु के साहित्य मे समयसत्य चिन्तन मुखरित होता है••••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे आधुनिक हिन्दी-साहित्य के पितामह भारतेन्दु हरिश्चन्द की पुण्यतिथि की पूर्व-संध्या मे ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द के साहित्य मे सामाजिक व्यवस्था के अत्याचार […]