हम एक के बदले दस सिर नहीं शांति चाहते हैं : सुधांशु बाजपेयी
सैनिकों की शहादत सिर्फ एक सैनिक के रूप में नहीं बल्कि किसी पत्नी के लिए अपना सर्वस्व खो देने, माता-पिता के लिए जिंदगी का सहारा खो देने, बच्चों के लिए पिता का प्यार-मजबूती खो देने […]
सैनिकों की शहादत सिर्फ एक सैनिक के रूप में नहीं बल्कि किसी पत्नी के लिए अपना सर्वस्व खो देने, माता-पिता के लिए जिंदगी का सहारा खो देने, बच्चों के लिए पिता का प्यार-मजबूती खो देने […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डे- वर्ष बीतते-बीतते हमारे नौ सैनिक मारे जा चुके हैं; नौ परिवार असह्य वेदना को भोग रहे हैं; कितनी सधवाएँ वर्षान्त में विधवा हो चुकी हैं; कई मासूम पिताविहीन हो चुके हैं, परन्तु […]