सनातन धर्म, भारतीय दर्शन और आत्मबोध की परंपरा के आलोक में दिव्य जीवन का प्रथम चरण

July 14, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भारतीय दर्शन का मूल प्रयोजन केवल तात्त्विक विमर्श या बौद्धिक जिज्ञासा की तुष्टि नहीं है, अपितु मानव जीवन को उसके परम पुरुषार्थ—आत्मसाक्षात्कार एवं ब्रह्मानुभूति—की ओर उन्मुख करना है। भारतीय मनीषा के […]

शिवत्व की अन्तर्यात्रा का ताण्डव

February 18, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– गाँव में बाहरी व्यवस्था के साथ समन्वय स्थापित हो जाने के बाद जीवन पुनः अपनी सहज गति में लौट आया, किन्तु भीतर कुछ ऐसा था जो अब पहले जैसा नहीं रहा। […]