कविता- मतदान
जयति जैन ‘नूतन’ मतदान करने जा तो रहे हो पर इतना ध्यान धरना । साम दाम दंड भेद काम है शैतान का बस इससे ही तुम बचना । सौ सही मगर चार गलत हों काम […]
जयति जैन ‘नूतन’ मतदान करने जा तो रहे हो पर इतना ध्यान धरना । साम दाम दंड भेद काम है शैतान का बस इससे ही तुम बचना । सौ सही मगर चार गलत हों काम […]