ममता की छाँव या स्वाभिमान की बेड़ियाँ?
सोनू गुप्ता (लेखक एक दृष्टिबाधित युवक हैं)– (यह लेख एक दृष्टिबाधित युवा के उन निजी अनुभवों और खामोश जद्दोजहद पर आधारित है, जिसे अक्सर उत्सव की चमक-धमक में भुला दिया जाता है ।शादी का घर […]
सोनू गुप्ता (लेखक एक दृष्टिबाधित युवक हैं)– (यह लेख एक दृष्टिबाधित युवा के उन निजी अनुभवों और खामोश जद्दोजहद पर आधारित है, जिसे अक्सर उत्सव की चमक-धमक में भुला दिया जाता है ।शादी का घर […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– नीतिवान मनुष्यों की चाहे कोई बुराई करे या उसकी प्रशंसा करे, वह निर्धन हो जाए या वह धनवान हो, उसका स्वभाव सदैव नम्र होता है। वह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहता […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक सद्वृत्ति— पश्चात्ताप करने का अवसर नहीं देती।दो दर्पण– असत्य सम्भाषण करने से रक्षा करता है।तीन ज्ञान– लोक को सुशिक्षित-सुदीक्षित करने में सहायक सिद्ध होता है।चार अध्यात्म– लोभ-लिप्सा के स्पर्श […]