संजय सिंह, सांसद, आप ने पेयजल एवं स्वच्छता मिशन पर उठाए सवाल! | IV24 News | Lucknow

आइए! अपने ‘आठ अभिन्न’ मित्रों से मिलवाऊँ

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

एक सद्वृत्ति— पश्चात्ताप करने का अवसर नहीं देती।
दो दर्पण– असत्य सम्भाषण करने से रक्षा करता है।
तीन ज्ञान– लोक को सुशिक्षित-सुदीक्षित करने में सहायक सिद्ध होता है।
चार अध्यात्म– लोभ-लिप्सा के स्पर्श से सुदूर करते हुए, चित्त को एकाग्र करता है।
पाँच सत्य– अशक्त (दुर्बल) होने से रक्षा करता है।
छ: प्रेम– ईर्ष्या, द्वेष, मात्सर्य, द्वेषादिक विकृति को नष्ट करता है।
सात विश्वास– नैराश्य, अवसाद तथा अन्य नकारात्मक स्थितियों से बचाता है।
आठ धैर्य– दुर्धर्ष (उग्र) परिस्थितियों में मन-मस्तिष्क को संतुलित करने में अपना योग देता है।

तो आइए! आप मेरे इस अनन्य मित्रमण्डल से हाथ मिलाइए और निरापद (सुरक्षित) जीवन-यापन करने का मन्त्र पाइए।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २४ सितम्बर, २०२१ ईसवी।)