वे किसान नहीं, धूर्त्त और मक्कार हैं, पहचानिए!
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखण्ड तथा राजस्थान के किसान ‘रजाई’ में क्यों दुबके हुए हैं? लज्जा नहीं आती, सिंघु बॉर्डर पर पंजाब-हरियाणा के बूढ़े-बच्चे-जवान, महिलाएँ एक पैर पर खड़ी […]