‘विश्व कविता दिवस’ विशेष – कविता
जगन्नाथ शुक्ल (इलाहाबाद) मन में उठते भाव कभी, जब कागज़ में उगने लगते हैं। शिक्षित और अशिक्षित सब, उसको कविता कहने लगते हैं। जब क़दम बढ़ाती है कविता, तब शेर निकलने लगते हैं। करती है […]
जगन्नाथ शुक्ल (इलाहाबाद) मन में उठते भाव कभी, जब कागज़ में उगने लगते हैं। शिक्षित और अशिक्षित सब, उसको कविता कहने लगते हैं। जब क़दम बढ़ाती है कविता, तब शेर निकलने लगते हैं। करती है […]