‘कामायनी’ की काव्य-कमनीयता

June 13, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• वस्तुत: आज न तो ‘कामायनी’-सदृश कृती (निष्णात/निपुण) कृतिकार हैँ और न ही अनुभव करनेवाला पाठक-वर्ग है; क्योँकि कविता के नाम पर ‘हृदयजीविता’ की अवहेलना करते हुए, ‘विचारजीविता’ का पालन-पोषण किया […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 13, 2022 0

★ ‘कामायनी’ की काव्य-कमनीयता वस्तुत: आज न तो ‘कामायनी’-सदृश कृती कृतिकार हैं और न ही अनुभव करनेवाले पाठक-वर्ग; क्योंकि कविता के नाम पर ‘हृदयजीविता’ के स्थान पर ‘विचारजीविता’ पाली जा रही है। कविता का उद्गम […]