सनातन धर्म, भारतीय दर्शन और आत्मबोध की परंपरा के आलोक में दिव्य जीवन का प्रथम चरण

July 14, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भारतीय दर्शन का मूल प्रयोजन केवल तात्त्विक विमर्श या बौद्धिक जिज्ञासा की तुष्टि नहीं है, अपितु मानव जीवन को उसके परम पुरुषार्थ—आत्मसाक्षात्कार एवं ब्रह्मानुभूति—की ओर उन्मुख करना है। भारतीय मनीषा के […]

त्वया दुर्गा, त्वया राष्ट्र की अनूठी धरा

May 14, 2022 0

मणि सत्यनारायण तिवारी : मैं सम्मान सभी धर्मों का करता हूँ पर मैं हिन्दू हूँ, इसपर मुझे गर्व है । बुद्धिजीवी कितना भी धर्म निरपेक्षता की बातें कर लें, लेकिन भारत “राष्ट्र” तभी तक है […]

दर्शन : आदि-अन्त से सम्बन्धित सनातन ज्ञान

July 7, 2021 0

संकलित- (1) प्रश्न :- मृत्यु न होती तो क्या होता ? उत्तर :- तो बहुत अव्यवस्था होती । पृथ्वी की जनसंख्या बहुत बढ़ जाती । और यहाँ पैर धरने का भी स्थान न होता । […]

सेनेटाइजर और मास्क फोबिया! कितनी हकीक़त कितना फ़साना?

June 29, 2021 0

सन्त समीर जी (वरिष्ठ पत्रकार व प्राकृतिक चिकित्सक) स्वामी विवेकानन्द जब अमेरिका गए थे, तब की एक घटना है। एक बार वे एक पार्क में अपने शिष्यों को वेदांत और राजयोग सिखा रहे थे। उसी […]

बिखरते और सिमटते परिवार

June 22, 2021 0

परिवार के भीतर पति पत्नी और बच्चे शामिल होते हैं। ये आज का एकल परिवार है। जब हम रामायण महाभारत के युग की बात करते हैं तो दादा दादी ताऊ ताई चाचा चाची सहित परिवार […]