लोकतंत्र के पर्व में शतप्रतिशत मतदान को लेकर निर्वाचन आयोग अभियान चला रहा है। यदि गुजरात के संदर्भ में बात की जाए तो दक्षिण गुजरात में महिला मतदाता पुरूषों के मुकाबले दो कदम आगे हैं। सूरत और तापी जिले की दो-दो सीटें ऐसी हैं, जिन पर पुरूषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है।
सूरत जिले की महुआ तथा मांडवी और तापी जिले की निजर तथा वयारा सीटों पर पिछले विधानसभा चुनावों मे महिलाओं का प्रभाव अधिक रहा। अनुसूचित जन-जाति के लिए सुरक्षित मांडवी सीट 2012 में अस्तित्व में आई थी। पहले चुनाव में पंजीकृत एक लाख चार हजार 259 पुरूष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतादाताओं की संख्या एक लाख पांच हजार 59 थी। इसके बाद भी महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ती रही। इनकी संख्या 2017 में एक लाख 13 हजार नौ सौ 75 हो गई जो अब एक लाख 25 हजार 658 पर आ गई है। इसी प्रकार तापी जिले की अनुसूचित जनजाति निजर सीट पर 2012 के चुनाव में एक लाख 13 हजार 865 पुरूषों के मुकाबले एक लाख 16 हजार 138 महिला मतदाता थीं। 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर एक लाख 29 हजार 70 हो गया और इस बार एक लाख 44 हजार 514 महिला मतदाता हैं।