हरदोई – स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही बरकरार है। इसका ताजा उदाहरण हरपालपुर कस्बे में देखने को मिला। यहां नसबंदी कराए जाने के बावजूद महिला गर्भवती हो गई। महिला के पति का आरोप है कि जब उसने अस्पताल में शिकायत की तो मामला दबाने का प्रयास शुरू किया गया। महिला व उसके पति ने जिलाधिकारी से मामले में कार्यवाही किये जाने की मांग की है।
मामला हरदोई के हरपालपुर थाना क्षेत्र के बेहटा-रंपुरा गांव का है। यहां के निवासी कमलेश पुत्र हरीराम व उसकी पत्नी रेखा ने बताया कि उसने 11 दिसंबर को सीएचसी हरपालपुर में अपनी पत्नी रेखा का नसबंदी ऑपरेशन कराया था। डॉ रजनीश आनंद द्वारा किए गए ऑपरेशन के बाद भी उसकी पत्नी गर्भवती हो गई है। उसके गर्भवती होने की जानकारी उसे तब पता चली जब उसकी तबियत खराब हो गई। डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड कराने पर मामले का खुलासा हुआ। कमलेश का कहना है कि चूंकि उसके सात बच्चे पहले से हैं और वह बहुत गरीब और असहाय व्यक्ति है। पत्नी के गर्भवती होने के कारण उसे काफी मानसिक व आर्थिक आघात पहुंचा है। उसने नसबंदी करने वाले चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
पीड़ित ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है और दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि दोषियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगा। इस मामले में सीएमओ डॉक्टर पीएन चतुुुर्वेदी ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए सीएमओ ने कहा कि मामले में पीड़िता एक फार्म भर दे, उसको मुआवजा दिलाया जाएगा जो शासन से अनुमन्य है।उन्होने कहा कि कभी-कभी कोई आपरेशन फेल हो जाता है। लेकिन एक अहम सवाल यह है कि जिसके लिए उसने नसबंदी कराई वही काम फिर हो गया अब इसका जिम्मेदार कौन होगा ?