सुरक्षा सहयोग और बढ़ाने तथा आतंकवाद के खतरे का मिलकर सामना करने पर भारत और सिंगापुर सहमत हो गए हैं । रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन ने नई दिल्ली में सिंगापुर के अपने सहयोगी डॉ. अंग ऐंग हॅन से द्विपक्षीय बातचीत के बाद संयुक्त वक्तव्य में कहा कि भारत और सिंगापुर देश के बाहर से मिलने वाली सुरक्षा धमकियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं । दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रशिक्षण और आपसी बातचीत आगे भी जारी रखने में भारत की मंशा के बारे में बता दिया है । हमने रक्षा अनुसंधान विकास और उद्योग के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को भी तलाशा है । मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारी आज की बैठक सिंगापुर के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अपने वक्तव्य में डॉ. अंग ऐंग हॅन ने कहा कि भारतीय नौसैनिक जहाजों के चांगी बंदरगाह पर ठहरने पर सिंगापुर को कोई परेशानी नहीं है और वह भारतीय नौसैनिक जहाजों को चांगी बंदरगाह का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने को प्रोत्साहित करेगा।
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