
प्रधान संपादक, इण्डियन वॉयस 24
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी “राघव”-
जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड की नृशंशता को देश का एक लाल भुला नहीं पाया । अंग्रेज़ों के जुल्मोसितम का बदला लेने को वह मचल रहा था । जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के 21 वर्षों बाद आखिर वह दिन आ गया जब उस वीर ने बदला लेने के लिये अंग्रेजों के घर में घुसकर अर्थात लंदन जाकर अँग्रेज़ गवर्नर माइकल ओड्वायर को गोली मार दी । यह वीर और कोई देश का अमर सिपाही शहीद उधम सिंह था । अंग्रेज़ अधिकारी की हत्या के आरोप में वह फाँसी चढ़ा दिए गए । लेकिन शहीद होते-होते उधम सिंह अंग्रेज़ों के गले में फाँस छोड़ गए । भारत माता के इस निडर अमर शहीद बेटे उधम सिंह की आज जयंती है । उनकी जयंती पर वेब न्यूज़ चैनल https://www.indianvoice24.com अपने पूरे ख़बरिया कुनबे के साथ कोटिशः नमन करता है ।
आज उधम सिंह के जन्मदिवस पर किसी कवि की पंक्तियाँ याद आ रही हैं…
जिस विदेश में उधम सिंह ने, ओड्वायर को मारा ।
जिस विदेश को कंपा गया, भारत छोड़ो का नारा ।
उस विदेश में शरण माँगती, सिंहों की सन्तान ।
हमारा व्यर्थ गया बलिदान, हमारा व्यर्थ गया बलिदान ।
सबको अपनी-अपनी चिन्ता, किसे देश का ध्यान ॥