आज स्वास्थ्य तथा शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत और फलस्तीन ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए। रमल्लाह में बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापनों में बेथलेहम में बेट साहोर में भारत-फलस्तीन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भारत-फलस्तीन केन्द्र का निर्माण और रमल्लाह में एक नई राष्ट्रीय प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना शामिल है। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों के सभी पहलूओं की समीक्षा की और आपसी हितों के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
वार्ता के बाद जारी संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राष्ट्रपति अब्बास को आश्वासन दिया कि भारत अपने वायदे के अनुसार फलस्तीन की जनता के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। फलस्तीन के हितों को हमारा समर्थन, हमारी विदेश नीति में सदैव ऊपर रहा है अनवरत, अविचल। इसलिए आज यहां रमल्लाह में प्रेजिडेंट मोहम्मद अब्बास कोजी जोकि भारत के बहुत पुराने मित्र हैं, उनके साथ खड़े होकर मुझे खुशी हो रही है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत साझा ऐतिहासिक संबंध है जो समय की कसौटी पर खरा उतरा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि फलस्तीन ने कठिन समय में लगातार अदम्य साहस का परिचय दिया है और भारत को आशा है कि फलस्तीन जल्द ही शांतिपूर्ण ढंग से एक स्वतंत्र देश बन जायेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि दोनों देश विकास में सहयोग के साथ आगे बढ़ रहे हैं भारत फलस्तीन में राजनयिक संस्थान के निर्माण के लिए सहायता दे रहा है।
हमारे बीच ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी, इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट, प्रोजेक्ट असिस्टेंस और बजटरी सपोर्ट के क्षेत्र में सहयोग है ही। हमारी नई पहल के हिस्से के रूप में हमने यहां रमल्लाह में एक टेक्नोलॉजी पार्क प्रोजेक्ट शुरू किया है। जिसमें इस समय निर्माण कार्य तेज़गति से चल रहा है। इसके बन जाने के बाद हम आशा करते हैं कि यह संस्था रोजगार को बढ़ावा देने वाले स्किल्स और सर्विस सेंटर के रूप में भी काम करेगी। श्री नरेन्द्र मोदी को फलस्तीन द्वारा विदेशी नेताओं को दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान ग्रैण्ड कॉलर प्रदान किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह सम्मान सभी भारतीयों के लिए है और यह फलस्तीन के साथ मित्रता का प्रतीक है। अपने बयान में फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री के साथ वार्ता लाभदायक और रचनात्मक रही। अंतर्राष्ट्रीय शक्ति के रूप में तथा गुटनिरपेक्ष आंदोलन और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका पश्चिम-एशिया क्षेत्र में शांति के लिए अनुकूल है और फलस्तीन इस पर भरोसा करता है। इससे पहले आज दोपहर को, श्री नरेन्द्र मोदी जॉर्डन की राजधानी अम्मान से हेलीकॉप्टर से रमल्लाह पहुंचे थे। उन्होंने फलस्तीन के महान नेता स्वर्गीय यासर अराफात के संग्रहालय का भ्रमण करने के पहले उनकी कब्र पर फूलमाला चढ़ाई। रमल्लाह पहुंचने पर ट्वीट कर श्री मोदी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दौरा है और इससे द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होंगे। फलस्तीन की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री अपनी तीन देशों की यात्रा के सिलसिले में संयुक्त अरब अमारात की राजधानी अबुधाबी पहुंच गए हैं। अबुधाबी के शाहज़ादे शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री की अगवानी की।
प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर अबुधाबी पहुंच गए हैं जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। आज शाम द्विपक्षीय वार्ता के अलावा कई ज्ञापन तथा समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। अबुधाबी के क्राउनप्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात के सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर शेख मोहम्मद बिन जायद अल नेहयान प्रधानमंत्री के सम्मान में एक विशेष भोज का भी आयोजन कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा से दोनों पक्षों के बीच राजनयिक आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होंगे। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच रिश्तों की गरमाहट है जिसका नतीजा है कि आबुधाबी में पहले भव्य हिन्दु मंदिर का निर्माण होने जा रहा है जिसमें कल भूमि पूजन और शिलान्यास की प्रक्रिया को लाइव वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा प्रधानमंत्री हिस्सा ले सकेंगे और साथ ही यहां बसे भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। दुबई में हो रहे वल्ड गवर्नमेंट समिट मे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन होगा जिसमें एक सौ चालीस से भी ज्यादा देशों के प्रतिनिधि होंगे। इस सम्मेलन में भारत को विशेष अतिथि का दर्जा दिया गया है। प्रधानमंत्री अपने संबोधन में प्रौद्योगिकी और प्रशासन के बारे में चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी बाद में संयुक्त अरब अमीरात तथा अन्य अरब देश के सीईओ से मुलाकात कर भारत में निवेश संबंधी बातचीत करेंगे।