मंत्रिमंडल ने मानव तस्करी रोकथाम, सुरक्षा और पुनर्वास विधेयक-2018 को संसद में पेश करने की कल मंजूरी दी। विधेयक में मानव तस्करी की रोकथाम, बचाव और पुनर्वास के दृष्टिकोणों को शामिल किया गया है। इस विधेयक में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस अपराध को रोकने के लिए सम्पत्तियों की जब्ती और कानूनी प्रक्रिया चलाने का प्रावधान है।
विधेयक के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामले की सुनवाई और इसके संज्ञान में आने के एक साल के अंदर पीड़ित को उसके घर वापस भेजे जाने का प्रावधान है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए महिला और विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि इस विधेयक से मानव तस्करी करने वालों को कडी सजा मिलेगी।