बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में विपक्ष द्वारा लगातार बाधा डाले जाने के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक दिन का उपवास रखा। सत्तारूढ पार्टी ने हाल में संपन्न संसद के बजट सत्र के बेकार चले जाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष को दोषी ठहराया है।
भारतीय जनता पार्टी के सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने आज देश भर में उपवास रखा। देश भर के छह सौ जिला मुख्यालयों में सांसद, विधायक सहित भाजपा के करीबन दो हजार जनप्रतिनिधियों ने उपवास रखा। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कर्नाटक में जहां विरोध जताया, वहीं स्वास्थ्य मंत्री जे.पी नड्डा, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में उपवास पर बैठे। केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पटना, सुरेश प्रभु, उमा भारती, विजय गोयल और डॉ. हर्ष वर्धन ने दिल्ली में उपवास रखकर विरोध प्रकट किया। बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष द्वारा संसद में कावेरी प्रबंधन बोर्ड और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने सहित कई मुद्दों पर हंगामा किया था, जिसके कारण कोई कामकाज नहीं हो सका था। भाजपा और एनडीए के सहयोगी दल पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे संसद के इन 23 दिनों के वेतन और भत्ते नहीं लेंगे।