पाकिस्तान गये अपने तीर्थयात्रियों को भारत के राजनयिकों से मिलने पर रोक लगाने के पाकिस्तान के फैसले पर भारत ने कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार ऐसा राजनयिक व्यवहार विएना संधि और धार्मिक स्थलों पर आने-जाने संबंधी द्विपक्षीय समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है।
धार्मिक स्थलों पर आने-जाने के आपसी समझौते के तहत करीब एक हजार 8 सौ सिख यात्रियों का जत्था पाकिस्तान गया है। सामान्य व्यवहार के मुताबिक तीर्थ यात्रियों की मदद के लिए भारतीय उच्चायोग का दल लगाया जाता है, लेकिन इस वर्ष उच्चायोग के दल को इन तीर्थ यात्रियों से सम्पर्क नहीं करने दिया गया। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारतीय उच्चायुक्त को ट्रस्ट की ओर से गुरूद्वारा पंजा साहिब में आमंत्रित किया गया था, लेकिन वहां जाते समय, अचानक बिना कारण बताये सुरक्षा का हवाला देकर उन्हें बीच से ही लौटा दिया गया।