जीवन रक्षा के शारीरिक शिक्षा जरूरी

           शाहाबाद (हरदोई)- पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित बालिकाओं के आत्मरक्षा कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी सर्वेश गुप्ता ने कहा कि जीवन के लिए शिक्षा के साथ,शारीरिक शिक्षा जरूरी है।
नेहरू कन्या इण्टर कालेज के प्रांगण आयोजित इस महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में एसडीएम ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए आक्रामक भूमिका के साथ साथ मनः स्थिति संतुलित रखें।दिमाग संतुलित रखकर ही अच्छा बचाव कर सकेंगी।आमिर के दंगल फ़िल्म की याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब बेटियां अनेक मोर्चों पर सफल हो रही हैं ,तो है हम क्यों नहीं।अब तो वह समय आने वाला है,जब लड़के सोंचेंगे कि लड़कियों से कैसे बच जाए।उपजिलाधिकारी ने बालिकाओं को गुड टच,और बैड टच के भाव को भी समझाया।उन्होंने सुझाव दिया कि हफ्ते में एक घंटा शारीरिक प्रशिक्षण का अवश्य हो।प्रशिक्षित बालिकाएं आस पास रहने वालों को भी प्रशिक्षण दें।
पुलिस उपाधीक्षक ममता कुरील ने कहा कि आत्मविश्वास विकसित कर स्वयं बचें,दूसरों को भी बचाएं।महिला संबंधी अपराध बढ़ रहे हैं।इसलिए आत्मरक्षा के उपाय करना आवश्यक है।संतुलित मस्तिष्क के साथ अपने आपको सुरक्षित करने के उपाय करें।शारीरिक ताकत से मानसिक ताकत ज्यादा जरूरी है।शारीरिक संरचना से ईश्वर ने हमे बहुत सारी चीजें उपलब्ध कराईं हैं।देखकर ,सीखकर,संस्कारवश हमारे अंदर अनेक अच्छी बातों का समावेश होता है।डर को हावी न होने दें।बचाव में मिट्टी,स्प्रे,आदि का प्रयोग करें।दांत,नाख़ूनआदि का भी बचाव में उपयोग करें।
प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर उत्तम ने नारी सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो।।उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 एवं 1090 का प्रयोग करने की सलाह दी।घरेलू हिंसा,पति प्रताड़ना में पुलिस ही आपको मुक्त कराएगी।और आपकी पहचान गोपनीय रखी जायेगी।
                      विषय विशेषज्ञ अम्बरीष कुमार सक्सेना ने कहा कि शारीरिक शक्ति के लिए योग,खेलकूद,जूडो कराटे, आसान,प्राणायाम,व्यायाम का अभ्यास आवश्यक है।ताईक्वांडो जूडो कराटे के विभिन्न प्रदर्शनों में विजय, शुभम, श्रेया, प्रीती, मंतशा, फ़ातिमानाज़, सदफ खान ने उत्कृष्ट प्रदर्शन सभी का मन मोह लिया।
         आपरेशन आत्मरक्षा का शुभारंभ पूर्व प्रधानाचार्य राधे श्याम दीक्षित ने प्रेरक उद्बोधन और शैक्षिक मार्गदर्शन से किया।बहिन आकांक्षा, प्रांजलि और इक़रा नेे स्वागत गान प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्या नूरुल हुमा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनार्दन सिंह, कुंदन सिंह विष्ट, भूपेंद्र भारद्वाज, एन के शुक्ला, के अलावा बड़ी संख्या में बालिकाएं, शिक्षक अरुण मिश्रा, आशीष अग्निहोत्री, मनोज त्रिपाठी और शिक्षिकाएं शशि शुक्ला, नायाब जहां आदि मौजूद रहीं।