हरदोई। ‘भारत-रत्न’, निष्कलंक राजनेता, भारतीय-राजनीति के द्रौण व भीष्म-पितामह जैसे अद्वितीय उपमाओं से अलंकृत किये जा चुके भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व राजनीति की महत्वपूर्ण आधारशिला रह चुके अटल बिहारी बाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए जिले के रसखान प्रेक्षागृह में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जिसमें वहां उपस्थित लोगों ने भावनात्मक रूप से उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी किन्तु शोक सभा के बाद जब सब चलने को हुए तो जिम्मेदार आयोजकों द्वारा उनकी फोटो तक को ठीक से न संभाला गया और नतीजन फोटो को गेट के बाहर तिरस्कृत होने के लिए डाल दिया गया।
तथाकथित सार्वजनिक व सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा के बैनर पर भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम भी अंकित था लेकिन कुछ लोगों की आपत्ति के चलते उसे भी सफेदी लगाकर चलता कर दिया गया। अब सवाल ये है कि उनके सम्मान में उनके निधन के इतने दिनों बाद भी शोक सभा का आयोजन सर्वदल की ओर से किया गया तो फिर शोक सभा समाप्त होने के चंद मिनट बाद ही उनका ऐसा तिरस्कार क्यों?
कारण जो भी हो लेकिन यह अपने आप में बेहद शर्मनाक कार्य है।
यह भी बताते चलें कि उस समय वहां पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं सहित आला-अधिकारी भी उपस्थित थे।