गांव के सबसे नीचे पायदान पर खड़े व्यक्ति को सभी योजनाओं का लाभ दिया जाये – पुलकित खरे

अधिकारी कुपोषण एवं स्वच्छता अभियान को एक मिशन के रूप में अपनायें:- जिलाधिकारी

हरदोई- मुख्यमंत्री के आदेश पर जिला महिला चिकित्सालय में आयोजित सुपोषण स्वास्थ्य मेला का शुभारम्भ जिलाधिकारी पुलकित खरे ने एक नवजात शिशु की माता से फीता कटवा कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि 0 से 5 वर्ष के कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए सभी महिलाओं को अपने घर एवं आस-पास विशेष साफ-सफाई रखनी चाहिए तथा बच्चों को शुद्व पेयजल पिलाने के साथ खाने में पौष्टिक आहार भी दें और बच्चों का नियमित स्वास्थ्य केन्द्र ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण भी करायें।
उन्होने कहा कि वर्तमान में गर्भवती माताएं एवं धात्री बालिकाएं एनेमिया की कमी के कारण कुपोषित हो जाती है। इस लिए कुपोषित बच्चों, गर्भवती माताओं एवं धात्री बालिकाओं के स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान दिया जाये और प्रत्येक पोषण दिवस पर एएनएम, आशा, आंगबाड़ी आदि संबंधित कर्मचारी आंगनबाड़ी केन्द्र पर उपस्थित रहकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करें तथा नियमित दवाओं एवं पोषाहार का वितरण किया जायें। जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण का सबसे बड़ा कारण शौचलय न बनवाना एवं उनका प्रयोग न करना। उन्होने कहा कि सभी अपने घर की इज्जत एवं बच्चों व महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए शौचालय का निर्माण कराने के साथ उसका प्रयोग आवश्य करें।
श्री खरे ने कहा कि शासन के निर्देश पर पंचायत, बाल विकास, बेसिक शिक्षा, मनरेगा एवं पूर्ति विभाग के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम चलाया जा रहा है और इसके तहत प्रत्येक गांव के सबसे नीचे पायदान पर खड़े व्यक्ति को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिया जाये। उन्होने कहा कि अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गांव के सबसे गरीब व्यक्ति को आवास, शौचालय, राशनकार्ड, मनरेगा जाबकार्ड, पेंशन एवं उनके बच्चों को शिक्षा का लाभ पहुंचाया जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारी कुपोषण एवं स्वच्छता अभियान को एक मिशन के रूप में अपनायें और इस कार्य को मानवता के रूप में पूर्ण करना सुनिश्चित करें और गांव के अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्र पर भर्ती करायें ताकि उनका समय से उचित ईलाज हो सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी के कुशल मार्ग निर्देशन में जनपद में कुपोषण एवं स्वास्थ्य मिशन में जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा काफी कार्य किया गया है परन्तु इन सभी कार्यो को पूर्ण करने में अधिकारियों को अभी और मेहनत करनी होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस0के0 रावत ने कहा कि जिला चिकित्सालय एवं सभी सीएचसी/पीएचसी पर कुपोषित बच्चों, गर्भवती माताओं एवं धात्री बालिकाओं का नियमित परीक्षण के साथ बजन भी कराये। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि स्वच्छता की दृष्टि से जिलाधिकारी के निर्देश पर समस्त प्राईमरी एवं माध्यमिक विद्यालयों में शौचालय, चारदीवारी, मिड्-डे-मील सेट एवं स्लेप का निर्माण कराने के साथ पानी की व्यवस्था के लिए समर सेबल लगवायें जा रहे है ताकि बच्चें स्वच्छ वातारण में पढ़ाई के साथ भोजन कर सके। कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रास की ओर से सभापति डा0 रमेश अग्रवाल, आलोक श्रीवास्तव आदि ने प्रोटीन सीरप, पाउडर एवं पैरासिटामाल की गोलियां के गत्ते जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रदान किये तथा आश्वासन दिये कि भविष्य में भी रेडक्रास द्वारा महिला चिकित्सालय को दवाओं की आपूर्ति की जाती रहेगी।
इस अवसर जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येन्द्र कुमार त्रिपाठी ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सभी आये अधिकारियों आदि का आभार व्यक्ति किया तथा विभाग की योजनाओं एवं उपलब्ध्यिों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के अथक प्रयास से जनपद के 42 गांव कुपोषण मुक्त हो गये तथा जनपद में मात्र 240 बच्चें ही कुपोषित है जिन्हें शीघ्र ही कुपोषण मुक्त कर दिया जायेगा। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने बाल विकास, पंचायत, तम्बाकू नियंत्रण एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाये गये स्टालों का अवलोकन भी किया।