बेसुरा ही सही जब आप गाने लगे, जब कभी आग पानी लगाने लगे : पवन कश्यप

बाल-उत्सव के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत, केडीएस ग्रुप बना चैंपियन

कछौना (हरदोई) – जो भारत को बाँट रहे थे उन पर तगड़ा चाँटा है, अब अफजल वाली गलियों में पसर गया सन्नाटा है ।

नगर पंचायत कछौना पतसेनी में सोमेश्वर महादेव सेवादार समिति के तत्वाधान में दो सितंबर से आरंभ हुए पांच दिवसीय अष्टम भव्य गणेश महोत्सव के चौथे दिन गुरुवार की रात विराट हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में दूर-दराज से आए ख्याति प्राप्त कवियों ने हास्य-व्यंग्य, वीर रस और श्रृंगार रस की रचनाओं के काव्य पाठ से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए । कवि सम्मेलन के आयोजन में एसएमडी पटेल महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ शिवराज सिंह का विशेष योगदान रहा ।

कवि सम्मेलन की शुरुआत से पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा व संडीला विधायक राजकुमार अग्रवाल आयोजक समिति के सदस्यों के साथ विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की महाआरती में शामिल हुए । जिसके बाद आयोजक सोमेश्वर महादेव सेवादार समिति के सदस्यों के द्वारा मुख्य अतिथियों और आए हुए कवियों को फूल माला पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर उनका स्वागत सम्मान करने के पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत हुई । हास्य कवि अजीत शुक्ला के संयोजन में कवि सम्मेलन के मंच की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि ध्रुव त्रिपाठी व संचालन कवि नीरज पांडे ने किया । अलीगढ़ से आई महिला कवयित्री रुबिया खान के द्वारा वीणा वादिनी मां सरस्वती की वंदना ” ओ मेरी मैया मात शारदे ” के काव्य पाठ के साथ कवि सम्मेलन की शुरुआत हुई । मंद-मंद हवा के झोंके के साथ तालियों की गडग़ड़ाहट और हंसी के ठहाकों के बीच नगर के श्रोताओं ने देर रात तक कवियों के हास्य-बाण का जमकर लुत्फ उठाया। ख्याति प्राप्त कवियों ने मंच से ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात मंत्रमुग्ध होकर हास्य रंग की बारिश में भींगते रहे। कवि सम्मेलन में मौजूद कभी अजीत शुक्ल, नीरज पांडे, रुबिया खान, विकास बौखल, प्रमोद पंकज, विख्यात मिश्रा, पवन कश्यप, अजीत तोमर, प्रख्यात मिश्रा, स्वयं श्रीवास्तव और वरिष्ठ कवि ध्रुव त्रिपाठी ने हास्य ओज और श्रृंगार की रचनाओं से समाज में बेटियों के प्रति फैली भ्रांति, नापाक पाकिस्तान को चेतावनी, लोकसभा चुनाव, अखिलेश-मायावती के गठबंधन, राहुल गांधी, सर्जिकल स्ट्राइक पर सेना से सबूत मांगने वालों, अनुच्छेद 370, अलगाववादी नेताओं और तुष्टिकरण की राजनीति करनें वालों सहित आदि सामाजिक विसंगतियों पर काव्य पाठ के माध्यम से ऐसा व्यंग्य और प्रहार किया कि श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हंसी के गुब्बारे फूटते रहे । जैसे-जैसे रात अपने परवान पर चढ़ती जा रही थी कवि धाराप्रवाह अपनी कविताओं को रंग दे रहे थे । मंच का संचालन कर रहे कवि नीरज पांडे ने मां की ममता पर कविता ” चांद जैसे मुखड़े को जिगर के टुकड़े को ” पढ़ी तो श्रोता भाव विभोर हो गए । वीर रस के विख्यात युवा कवि प्रख्यात मिश्रा और विख्यात मिश्रा ने सैनिकों के साहस, राष्ट्रवाद, देशभक्ति को समर्पित और आतंकवाद पर करारा प्रहार करते हुए ऐसा काव्य पाठ किया जिसे सुनकर श्रोता जोश से लबरेज हो गए ।

हरदोई के पवन कश्यप की प्रेम के शुरुआती लक्षणों को दर्शाती कविता ” बेसुरा ही सही जब आप गाने लगे, जब कभी आग पानी लगाने लगे ” और उन्नाव से आए स्वयं श्रीवास्तव की ” मुश्किल थी संभलना ही पड़ा घर के वास्ते, फिर घर से निकलना ही पड़ा घर के वास्ते ” इन श्रृंगार रस की रचनाओं को भी श्रोताओं ने काफी सराहा और पसंद किया । हास्य कवि प्रमोद पंकज व अजीत शुक्ला ने भी अपने व्यंग बाण से श्रोताओं को गुदगुदाया । मंच पर विराजमान अलीगढ़ से आयी एकमात्र विख्यात महिला कवयित्री रुबिया खान ने जय श्री राम कहकर जैसे ही काव्य पाठ आरंभ किया तो श्रोताओं ने एक साथ तालियां बजाकर उनका अभिनंदन किया उनके द्वारा प्रस्तुत कविता ” मै बैठी इस बार साजन तू बैठा उस पार ” को श्रोताओं ने सबसे ज्यादा पसंद किया । वीर रस के युवा कवि अजीत तोमर की देश में रहकर दूसरे देश का गुणगान करने वाले जयचंदो पर प्रहार करती ओजपूर्ण कविता ” मेरी थाली में खाकर मुझ पर ही प्रश्न उठाएगा ” ने श्रोताओं की काफी तालियां बटोरी । मंच की अध्यक्षता कर रहे कवि ध्रुव त्रिपाठी के सुंदर हास्य काव्य पाठ के बाद देर रात लगभग तीन बजे कवि सम्मेलन का समापन हुआ ।

हास्य कवि विकास बौखल को सुनने को बेताब दिखे श्रोता

कवि सम्मेलन के दौरान श्रोताओं में हास्य कवि विकास बौखल के काव्य पाठ को सुनने को लेकर काफी उत्सुकता देखी गई । जैसे ही मंच संचालन कर रहे कवि नीरज पांडे ने हास्य कवि विकास बौखल को मंच पर आने का आमंत्रण दिया तो उपस्थित सभी श्रोताओं ने एक साथ तालियां बजाकर उनका स्वागत किया । अपने चुटकीले अंदाज के लिए परिचित हास्य कवि विकास बौखल ने अपनी हास्य-व्यंग्य की कविताओं को पढ़कर श्रोताओं को लोटपोट करते हुए खूब हंसाया ।

विशिष्ट अतिथि ने कवियों के आग्रह पर किया काव्य पाठ

कवि सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान पहुंचे विशिष्ट अतिथियों डीआईजी सत्येंद्र सिंह शलभ, जनपद के प्रसिद्ध सर्जन डॉक्टर एस के सिंह, यूजे इंटरनेशनल स्कूल के संरक्षक जगदीश गुप्ता और नेशनल इंश्योरेंस वरिष्ठ अधिकारी दिनेश दीक्षित को आयोजक समिति के द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । विकासखंड कछौना के ग्राम बरवा सरसण्ड मे जन्मे डीआईजी सतेन्द्र सिंह जोकि एक कवि भी है और उन्हें कवि समाज शलभ के नाम से जानता है । कवि सम्मेलन के बीच में उपस्थित समस्त कवियों के विशेष आग्रह को स्वीकार करते हुए डीआईजी सतेंद्र सिंह शलभ ने मंच से ग्रामीण क्षेत्र की परिस्थितियों को दर्शाती कविता ” प्यारा प्यारा गांव आ गया ” का काव्य पाठ किया जिसे श्रोताओं ने काफी सराहाते हुए तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया ।

बाल-उत्सव के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत, केडीएस ग्रुप बना चैंपियन

कवि सम्मेलन के समापन के उपरांत बुधवार को आयोजित हुए बाल-उत्सव के विजेता प्रतिभागियों को विशिष्ट अतिथियों के द्वारा पुरस्कृत किया गया । जिसमें ज्यूरी पैनल के द्वारा लिए गये निर्णय के अनुसार केडीएस ग्रुप को दमदार भावुक प्रस्तुति के लिए चैम्पियन की ट्राफी देकर पुरस्कृत किया गया । चैम्पियनशिप का खिताब पाकर केडीएस ग्रुप के बच्चों के चेहरे खिल उठे । बच्चों ने बताया कि इस उपलब्धि को वह अपने बड़े भाई जैसे फिटनेस गुरू दिवंगत रेसलर रेशम सिंह को समर्पित करते हैं ।

रिपोर्ट : दीपक कुमार श्रीवास्तव