अझुवा/कौशांबी
● आखिर कहाँ गए शासन द्वारा भेजे गए 40 लाख रूपये ।
आपको बताते चलें कि नगर पंचायत अझुवा की निवर्तमान अध्यक्षा शांति देवी कुशवाहा के कार्यकाल मे अझुवा मे अनुसूचित जाति के लोगों के अंत्येष्टि स्थल के विकास के प्रस्ताव पर शासन ने 80 लाख रुपये की मंजूरी के सापेक्ष पहली किश्त 40 लाख रुपए दिनांक 28 मार्च 16 को अझुवा नगर पंचायत को दिया था लेकिन जब काफी समय तक इस पर कोई कार्य शुरू नही हुआ तो नगर के लोगों ने इसकी शिकायत शासन स्तर से की जिस पर तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी अझुवा अंजनि मिश्रा ने इसके लिए नगर मे जमीन उपलब्ध न होने का हवाला दिया ऐसे मे सवाल उठता है कि क्या वाकई मे नगर पंचायत के पास इसके लिए भूमि तक उपलब्ध नही है तो क्यो इसका प्रस्ताव शासन को भेजकर धन स्वीकृत करा लिया गया?
लेकिन वास्तव मे ऐसा नही है,नगर पंचायत मे सैकड़ों की तादात मे सरकारी जमीने हैं जिन पर जिम्मेदार लोग स्वयं कथित तौर पर लोगों से लंबी रकम ले-लेकर वर्षों से कब्जा कराते रहे हैं।खैर यदि शासन से किसी प्रस्ताव पर लाखों रुपये धन स्वीकृत कराकर लेने मे यदि जिम्मेदारों को रुचि थी तो उसे क्रियान्वित कराकर उसका लाभ नगरवासियों को दिलाने की जिम्मेदारी किसकी होनी चाहिए स्थानीय विधायक व जिलाधिकारी महोदय से इसकी जांच कराकर अनुसूचित जाति के लिए अंत्योष्टि स्थल का निर्माण कराये जाने की मांग समय समय पर कस्बे के समाजसेवियों द्वारा की जाती रही है।