कछौना (हरदोई) : इन दिनों आईपीएल के मैच को लेकर कस्बे में सट्टा का कारोबार खूब फल फूल रहा है। जिसकी चपेट में युवा पीढ़ी आ रही है। किशोर से लेकर युवा पीढ़ी का व्यवसाय बन गया है। जो 100 रुपये से लेकर लाखों रुपयों का दाम आजमाते हैं। रात दिन में मालामाल होने की कोशिश में यह लोग अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा सट्टे के दांव में लगा रहे हैं। यह लोग बुकी के माध्यम फोन पर दांव लगाते हैं। जो इमानदारी से जीतने व हारने वाले से आदान प्रदान हो जाता है। इस खेल में पड़कर कई अमीर हो गए तो कई अर्श से फर्श पर आ गए हैं। इस गिरफ्त में आने के बाद दांव लगाने के लिए किसी भी स्तर पर जाने को यह लोग तैयार हो जाते हैं। जिसके चलते सूदखोरों की चांदी हो गई है। सूदखोर 5% से 10% मासिक ब्याज पर सटोरियों को धनराशि उपलब्ध करा देते हैं। इन सटोरियों का कारोबार खुलेआम कस्बे में चल रहा है।
पिछले वर्ष एक मामला प्रकाश में आया था, जिसमें कस्बे के एक दुकानदार का 16 वर्षीय पुत्र सटोरियों के चंगुल में फंस गया था। जब वह हजारों रुपया हार गया था। जब सटोरियों ने अपना रुपया लेने के लिए उसे धमकाया तब वह डर कर घर से अपनी रिश्तेदारी को भाग गया था। परिजनों की काफी खोजबीन पर वह रिश्तेदारी में मिला था। तब उसने आपबीती परिजनों को बताई थी। प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया इन सटोरियों को चिन्हित कर लिया गया हैं। शीघ्र इनको गिरफ़्तार कर जेल भेज कर इस व्यवसाय पर अंकुश लगाया जाएगा। जिससे युवा पीढ़ी को बर्बादी से बचाया जा सकें।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता