ब्रह्मवर्त तीर्थ स्थल के लिये शासन द्वारा ₹46.75 लाख स्वीकृत

मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत ब्रह्मवर्त तीर्थ स्थल को विधायक के अथक प्रयास से शासन द्वारा मिली 46.75 लाख रुपए की स्वीकृति

हरदोई : मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना में विधानसभा सांडी के ब्रह्मवर्त तीर्थस्थल ग्रामसभा स्थित जमुनिया को विधायक प्रभाष कुमार के अथक प्रयास से शासन द्वारा प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा से एक स्थान पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर शासन ने प्राथमिकता के आधार पर विधानसभा क्षेत्र सांडी के ब्लाक अहिरोरी के ग्रामसभा जमुनिया स्थित ब्रह्मवर्त तीर्थस्थल के लिए 46 लाख 75 हजार रुपये की स्वीकृति मंजूर हो गई है। जिसमें प्रथम किस्त के रूप में 23 लाख 37000 हजार की वित्तीय स्वीकृत हो गई है। कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को राशि आवंटित की गई है। यह स्थल हजारों वर्ष की सभ्यता का सूचक है। 5 वर्ष पूर्व मनरेगा के तहत खुदाई के दौरान पक्का तीर्थ मिला था। ग्रामसभा के रोजगार सेवक कमलेश कुमार ने बताया कि तीर्थ स्थल मिलने से ग्रामीणों में काफी खुशी हुई। जिले के आला अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने मामले को संज्ञान में लिया, उस दौरान सांसद अंशुल वर्मा, विधायक राजेश्वरी, जिलाधिकारी विवेक वार्ष्णेय व मुख्य विकास अधिकारी टीके शिबू ने मौके पर पहुंच कर इसकी जांच की थी। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने पुरातत्व विभाग व शासन को प्रेषित की थी। जिस पर शासन से पुरातत्व विभाग की 3 सदस्य टीम ने मौके का सघन निरीक्षण किया था। पुरातत्व विभाग को खुदाई के दौरान काफी पुराने ईस्ट इंडिया कंपनी के समय के सिक्के मिले थे। पूर्व मुस्लिम शासन के चलन वाले सिक्के भी प्राप्त हुए थे। टीम पूरे सिक्के लेकर चली गई थी। तालाब के ही पास एक काफी पुरानी लाल पत्थर की ग्रामीणों के अनुसार चार मुखी ब्रह्मदेव की मूर्ति स्थापित है। जिसके कारण स्थान का नाम ब्रह्मवर्त प्रकाश में आया। इस स्थल पर काफी दूरदराज से श्रद्धालु आते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामसभा को आने-जाने के लिए कोई समुचित मार्ग न होने के कारण काफी असुविधा होती है। जिसके कारण श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती है। क्षेत्रीय विधायक के अथक प्रयास से यह स्थल पर्यटक के रूप में विकसित होगा। विधायक के इस प्रयास के ग्रामीण काफी सराहना कर रहे हैं। वित्तीय स्वीकृत प्राप्त होने से इस स्थान को प्रदेश के मानचित्र में स्थान मिलेगा। ग्रामीणों में काफी खुशी की लहर है।

यह स्थल पूरी तरीके से प्राकृतिक व मनमोहक स्थल है। जिसके पास में गोमती नदी गुजरने से प्राकृतिक वातावरण और भी मनमोहक हो जाता है। आने वाले श्रद्धालुओं को एक अलग ही अनुभूति होती है।

रिपोर्ट- पी०डी० गुप्ता