बारिश न होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

कछौना, हरदोई। बारिश न होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। रजबहा, माइनर, नलकूप में पानी न आने के कारण किसानों के सामने फसल सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। इससे किसानों के आगे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, सब्जियों की फसल सूख रही है। खरीफ की फसल का संकट खड़ा हो गया है।

कछौना क्षेत्र के बघौली की लगभग 2 किलोमीटर की दूरी है, जो हथौड़ा रजबहा से निकला है। यह रजबहा ग्रामसभा बरवा, गनेशपुर, बनियान खेड़ा, त्यौरी आदि ग्रामों के किसानों की सिंचाई का मुख्य साधन है। परंतु पीछे से हथौड़ा रजबहा में किसानों ने जगह-जगह बांध बनाए रखे हैं। जिसके कारण पानी आगे नहीं पहुंच पाता, जिससे किसान सिंचाई से वंचित हो रहे हैं। माइनर की हालत काफी खराब है। माइनर की पटरी पूरी तरह से जगह-जगह उखड़ चुकी है। जिसके कारण आए दिन ओवरफ्लो से किसानों की फसल पानी से जलमग्न होकर बर्बाद हो जाती है। इस माइनर के टेल पर भी अवैध कब्जा हो गया है। विभागीय अधिकारियों के उदासीनता का खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। किसानों ने माइनर की दुरुस्ती करण, सफाई व गुलाबा का जीर्णोद्धार कराने की मांग प्रशासन से की है। जिससे किसानों को समय से लाभ मिल सके। उनकी सिंचाई प्रभावित न हो।

इस संबंध में जे०ई० रामचंद्र ने बताया बजट की स्वीकृत होते ही माइनर की सफाई कार्य कराया जाएगा। बांध, खांदी काटने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। वहीं पटरी का मरम्मत कार्य ग्राम सभाओं से मनरेगा से कराने का प्रयास करेंगे। बिना बरसात के खेत सूख रहे हैं।जिसका सीधे असर किसानों की फसल पर पड़ेगा। जिससे लोगों के जीवन पर भी सीधा असर पड़ेगा। सूखा के मद्देनजर सरकार ने शासन की निगरानी में टीम गठित कर सूखा का सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया, जो वास्तविक नुकसान का आकलन रिपोर्ट प्रशासन को भेजेंगे, जिससे किसानों को समय से राहत मिल सके।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता