लखनऊ : गाय माता के लिए इंसानों को भी कुछ ना समझने वाली इस सरकार का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है, जहां एक तरफ यह सरकार अपने को हर जगह गोसेवक बताने से नहीं चूकती है, वहीं दूसरी ओर गाय पालने का जो लाइसेंस 30 रूपए में बनता था; उसको अब 500 रुपए कर दिया गया है। जिस हिसाब से योगी सरकार अपने आप को गोरक्षक- गोभक्त बताती है, उस हिसाब से तो गाय पालने वालों को सरकार को अपनी तरफ से प्रोत्साहन राशि देनी चाहिए।

राष्ट्रीय लोकदल के उभरते हुए युवा नेता आशीष तिवारी का कहना है कि अचंभे की बात है कि यहां पर जो लोग गाय को पाल रहे हैं, उनसे ही अब योगी सरकार मुनाफा कमाने की स्कीम बना रही है। इस स्कीम से कहीं ना कहीं यह सरकार गरीब विरोधी नीति को लाने की ओर बढ़ रही है।
आशीष तिवारी ने कहा कि क्योंकि गायों को पालने का काम गरीब व्यक्ति ही करता है, वैसे भी बेरोजगारी से पूरा प्रदेश त्राहिमाम कर रहा है। जो गोपालक गरीब व्यक्ति है उसके पेट पर भी यह सरकार लात मारने से बाज नहीं आ रही है। आशीष ने कहा कि मैं सरकार से विनम्र निवेदन करूंगा कि गरीब गाय पालकों से लाइसेंस फीस न लाई जाए, बल्कि उन को गाय पालन के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाए।