स्वच्छता एवं पोषण समिति की धनराशि ग्रामप्रधान व स्वास्थ्यकर्मियों की जेब में

Corruption Feature IV24

कछौना, हरदोई। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर लाभ के लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति के माध्यम से आम जनमानस को लाभ दिए जाने का प्रविधान है।

बताते चलें प्रत्येक ग्रामपंचायत मे स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति का गठन किया गया है। जिसमें ग्रामप्रधान अध्यक्ष होता है और सचिव एएनएम होती है। एएनएम के द्वारा स्वास्थ्य उपकेन्द्र का संचालन किया जाता है। सदस्य के रूप मे पंचायत सदस्यों के साथ आशा बहू सम्मिलित होती है। प्रतिवर्ष ग्रामसभा की स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए 10 हजार रुपए का अनटाइड फंड आता है। जिसमें समिति द्वारा ग्राम में स्वच्छता एवं सफाई अभियान मच्छरों पर अंकुश लगाने, स्वास्थ्य शिविर, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्रों को मूलभूत सुविधाएं, निर्धन रोगियों को आपातकालीन सहायता आदि कार्य करायी जा सकती हैं। उपकेंद्र को बेहतर स्वास्थ्य मंडल के रूप में विकसित किया जा सकता है। स्वीकृत फंड का सदुप्रयोग कर आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकती है। परंतु आम जनमानस में जागरूकता के अभाव में ग्राम प्रधान व स्वास्थ्य केंद्र इस धनराशि का फर्जी बिल बनाकर बंदरबांट कर लेते हैं। 

क्षेत्रीय विकास जन आंदोलन के अध्यक्ष रामखेलावन कनौजिया ने बताया इस धनराशि से स्वास्थ्य केंद्र, ग्राम सचिवालय पर स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण योजनाओं व महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर 108, 102 आदि की वॉलपेंटिंगकर जागरूकता की जा सकती है। ग्रामसभा में संक्रामक बीमारियों के रोकथाम मे अहम भूमिका निभाई जा सकती है।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता