कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

सारे प्रयास फेल, धड़ल्ले से चल रहा पालीथीन का खेल

दीपक कुमार श्रीवास्तव-

पर्यावरण ही नहीं अपितु स्वास्थ्य के लिए भी घातक है पॉलिथीन – डा॰ मुकेश गुप्ता

कछौना (हरदोई) – पॉलिथीन के प्रयोग से होने वाले दुष्परिणामों को दृष्टिगत रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध का आदेश दिया था । जिसका पालन करते हुए योगी सरकार ने पूरे प्रदेश में पॉलिथीन के प्रयोग व बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने का आदेश जारी किया गया था । परन्तु कस्बा कछौना में जिम्मेदार अधिकारियों के लापरवाह रवैये के चलते प्रतिबन्ध बेअसर दिखाई पड़ रहा है । जिसके चलते कस्बे में पॉलिथीन की बिक्री व प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है । प्रतिबंध के बावजूद व्यापारी व ग्राहक इसका जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं ।

नगर पंचायत प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी एक-दो रोज का अभियान चलाकर कई महीनों के लिए निष्क्रिय हो जाते हैं । यही कारण है कि कस्बे में पॉलिथीन की बिक्री व प्रयोग धड़ल्ले से जारी है l कस्बे के किराना व्यवसायी, फल विक्रेता, मिठाई विक्रेता, दूध विक्रेता, सब्जी विक्रेता, दवा विक्रेता, आदि सरकार के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम पॉलिथीन में सामग्री रखकर बेच रहे हैं l इस संबंध में जब नगर पंचायत कछौना के अधिशासी अधिकारी अनुज अवस्थी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह अस्वस्थ होने के कारण चिकित्सकीय अवकाश पर है । अवकाश से लौटने पर इस समस्या को प्राथमिकता देते हुये शीघ्र ही नगर में अभियान चलाकर पॉलिथीन बेचने वालों पर सख्त कार्यवाही करेंगे । अधिशासी अधिकारी अनुज अवस्थी ने बताया कि पॉलिथीन के दुष्परिणाम देखते हुए इसके प्रयोग व बिक्री को बंद करने में प्रशासन के साथ जनता की सजगता और सहभागिता भी जरूरी है। वैज्ञानिक शोध के अनुसार पॉलिथीन हवा और पानी में जहर घोल रही है । पॉलिथीन भूमि की उर्वरा शक्ति को कम करते हुए उसे बंजर बनाने का काम भी करती है ।

पॉलिथीन पर्यावरण व स्वास्थ्य दोनों के लिए घातक है । पॉलिथीन के बढ़ते प्रयोग के कारण कई तरीके की बीमारियां बढ़ने लगी हैं । यह जानकारी देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना के डॉ मुकेश गुप्ता ने बताया कि प्लास्टिक या पॉलीथीन में रखा गया खाना खाने से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। किडनी खराब होने के साथ ही कैंसर का भी खतरा रहता है। बहुत सी पॉलीथीन या प्लास्टिक में लेड और मरकरी होता है जो बहुत हानिकारक है।

मवेशियों के लिए जानलेवा है पॉलिथीन – पशुचिकित्साधिकारी

लोग पॉलिथीन को कचरे में फेंक देते हैं, पॉलिथीन युक्त कचरे से कस्बे की नालियां आए दिन चोक हो जाती है । विकासखंड कछौना के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश यादव ने बताया कि पॉलिथीन, प्लास्टिक व थर्माकोल सबसे अधिक जानवरों के लिए घातक सिद्ध हो रहा है। लोग पॉलिथीन में भर कर खाद्य सामग्री को फेंकते हैं, जिसको खाने से जानवरों के शरीर में पॉलिथीन पहुंच जाती है जिससे ये आंतों में फंस जाती है व पाचन क्रिया को नष्ट कर देती है। इससे जानवरों का पेट फूलने लगता है और मौत हो जाती है। पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगने के बाद पर्यावरण प्रेमियों ने सरकार के इस कदम को सराहनीय बताते हुए काफी प्रशंसा की थी । लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते प्रतिबंध बेअसर साबित हो रहा है ।

         उत्तर प्रदेश में इससे पूर्व भी पॉलीथिन पर कई बार प्रतिबंध लगाया जा चुका है परंतु पॉलीथिन के खिलाफ जंग में उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारें कभी फतह हासिल नहीं कर पाई हैं l फिलहाल तो सूबे की योगी सरकार भी पॉलीथिन प्रतिबंध कि इस जंग को निर्णायक स्तर पर पहुंचाने में विफल साबित हो रही है l