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कोरोना हराने के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की अमेरिकी विज्ञानी ने की सराहना

विज्ञानी ने अपने रिसर्च पेपर में भारत सरकार के 9 महत्त्वपूर्ण कदमों का किया जिक्र

4 मार्च, नई दिल्ली। ये सच है कि कोविड-19 के नए स्ट्रेन के कारण देश के कुछ राज्यों में कोरोना के मामले में तेजी देखने को मिली है, लेकिन दुनिया के अन्य देशों से अगर इसकी तुलना की जाए तो यह काफी कम है। पिछले कुछ महीनों का हाल देखें तो जिस तरह से देश में कोरोना के प्रसार में कमी आई है उसने पूरी दुनिया को आश्चर्य में डाल दिया है। इस रहस्य को सुलझाने के लिए विश्व के तमाम विज्ञानी अपने-अपने स्तर पर शोध कर रहे हैं। वहीं एक शीर्ष अमेरिकी विज्ञानी यानेर बार यम ने इस रहस्य को सुलझाते हुए अपनी वेबसाइट पर एक रिसर्च पेपर पब्लिश किया है, जिसमें उन्होंने भारत में कोरोना प्रसार को रोकने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा उठाए गए 9 कदमों को महत्त्वपूर्ण बताते हुए उनकी सराहना की है।

महामारियों के मात्रात्मक विश्लेषण में माहिर यानेर बार यम ने भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि यात्रा पर गंभीर प्रतिबंध, सार्वजनिक सभाओं पर रोक, टार्गेटेड लॉकडाउन और स्कूलों को बंद करना कोरोना महामारी के प्रकोप को नियंत्रित करने में सहायक साबित हुआ। उन्होंने सरकार के कुछ अन्य कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभावी सार्वजनिक संचार, मामले की पहचान में तेजी, मास्क एवं अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि ने भी स्थिति को सुधारने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

अपनी वेबसाइट endcoronavirus.org पर प्रकाशित एक पेपर में उन्होंने नौ प्रमुख सरकारी कार्यों को सूचीबद्ध किया है, जिनके कारण भारत संक्रमण के साथ-साथ इसके प्रसार को भी नियंत्रित करने में कामयाब रहा:-

• उन्होंने लॉकडाउन के दौरान पिछले वर्ष अप्रैल में सरकार द्वारा देश को जोनिंग सिस्टम में बांटने को सबसे प्रभावी कदम बताया। इसके तहत तीन जोन- रेड, ऑरेंज और ग्रीन बनाए गए थे। प्रभावित जिलों में गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे, अप्रभावित जिलों में आंशिक प्रतिबंध और आर्थिक चुनौती को पूरा करने के लिए कुछ क्षेत्रों के खोला गया था।

• यात्रा पर प्रतिबंध दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कदम था। देश भर में राज्यों की सीमाओं पर चेक के साथ ई-पास जारी करने के माध्यम से यात्रा को रेगुलेट किया गया था, जो 2021 में भी जारी है।

• आइसोलेशन और कोविड-19 पॉजिटिव आए हर व्यक्ति की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और उनमें हाई रिस्क कॉन्टैक्ट वाले को क्वारंटाइन कराना प्रभावी रणनीति रही।

• सरकार ने लंबी अवधि के लिए सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया, जिन्हें हाल ही में फिर आंशिक तौर पर खोला गया।

• बार-यम ने भारतीय उद्योग के योगदान पर भी प्रकाश डाला। जिसके बारे में उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योगों ने भारी मात्रा में मास्क और व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण का उत्पादन किया, जिन्होंने न केवल देश की आवश्यकताओं को पूरा किया, बल्कि दुनिया की जरूरतों को पूरा करने में भी सफल रहे।

• उन्होंने कहा कि कोरोना के शुरुआती दौर में भारत में आरटीपीसीआर टेस्ट की सिर्फ एक लैब थी, जिसे बहुत कम समय में बढ़ाकर 2300 से अधिक से कर लिया गया। इससे टेस्टिंग की गति में तेजी आने के साथ ही क्वारंटीन व्यवस्था मजबूत हुई।

• फोन पर कॉलर ट्यून के माध्यम से कोविड-19 की सावधानियों से लेकर मास्क न पहनने के लिए भारी जुर्माने का प्रचार किया गया। सरकार की इस पहल ने जागरुकता फैलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई और बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से दिशा-निर्देशों का पालन किया।

• अमेरिकी वैज्ञानिक ने उच्च घनत्व वाले शहरी क्षेत्रों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की है। उन्होंने उच्च घनत्व वाले शहरी क्षेत्रों को सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती के तौर पर बताया है। जहां पर सरकार ने तकनीक का इस्तेमाल का करके स्थानीय स्तर पर सफल लॉकडाउन लगाया, जिससे संक्रमण नहीं फैल पाया।

• उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि भारत में चलाए जा रहा दुनिया का सबसे बड़े टीकाकरण अभियान प्रकोप को नियंत्रित करने में सहायक साबित होगा।

शान्तनु त्रिपाठी, लेखक/स्वतंत्र पत्रकार हैं

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