हर घर मिलेगा गारंटीड रोजगार,
जब बनाएँगे “आप” की सरकार..!!
जबतक युवा पीढ़ी मौजूदा राजनैतिक विवेकहीनता का स्थाई विकल्प नही बनेगी-बनाएगी, तब तक संसद, विधानसभाओं में वह सब होता रहेगा जो अमर्यादित है, अन्यायजनित है, असंवैधानिक है, अव्यवहारिक है।
विचार करें!
और ज्यादा से ज्यादा राजनैतिक विवेकशीलता के स्किल्स पर वर्कआउट करें।
रोना बंद करें!
अपने चारों जनहिताधिकार माँगे नही बल्कि छीनें, मौजूदा भाजपाई- कांग्रेसी कुराजनैतिक बदमाशों से।
क्योंकि ये चारों जनहिताधिकार आपकी मूलभूत मानवीय जीवनचर्या के विकास हेतु संवैधानिक रूप से आपको 1950 में ही प्रदान किये जा चुके हैं, बस इनका न्यायोचित वितरण अबतक नही किया गया मौजूदा भाजपाई, काँग्रेस सरकारों द्वारा।
कारण सिर्फ एक
ताकि आप-हम इन जनहिताधिकारों के अभाव में रहते हुए संसद, विधानसभाओं में बैठे भाजपाई, कांग्रेसी नेतृत्वकर्मियों के आजीवन पीढ़ी दर पीढ़ी शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक एवं चेतनात्मक रूप से गुलाम बने रहें।
उन्हें भलीभाँति पता है कि यदि ये चारों जनाधिकार न्यायोचित वितरित किये गए तो आप-हम सब इन नेतृत्वकर्मियों की गुलामी से मुक्त हो जाएंगे!
विचार कीजिये
भला कौन धूर्त बदमाश मालिक अपने गुलामों की मुक्ति चाहता है।
यही कारण है कि हम-आप सबको असल मुद्दों के बजाय उन फर्जी मुद्दों पर केंद्रित रखा जाता है जिससे हमारी समता, समुचितता हमें कभी न प्राप्त हो बल्कि हम आपसी वैमनुष्य बने अपने ही भाई-बहनों का खून बहाते रहें।
विचार कीजिये
यदि फुर्सत हो,,,,,कि 26 नवम्बर संविधान दिवस के दिन सन 2012 में इसी भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ा था आमआदमीपार्टी के रूप में, जिसकी अगुवाई परम् आदरणीय मौजूदा भारतीय धूर्त कुराजनीति की बखिया उधेड़ने वाले श्री अरविंद केजरीवाल जी एवं उनके परम् सखा आदरणीय श्री मनीष सिसोदिया जी व गोपाल रॉय जी एवं मेरे परम् प्रेरणास्रोत आदरणीय राज्यसभा सांसद श्री संजय सिंह जी व मेरे जैसे हज़ारों आंदोलनकारियों के साथ मिलकर जनहितार्थ सोंच के साथ की थी।
जो आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप लेकर देश के विभिन्न राज्यों में अपनी जड़ें मजबूत करते जा रहे हैं उसका प्रमुख कारण सिर्फ यह है कि आमआदमीपार्टी ने मानवजीवनविकास के उत्थान हेतु वो सभी महत्वपूर्ण कार्य किये हैं जिन्हें नागरिक जनाधिकारों के रूप में जाना जाता है।
चाहे वो शिक्षा के क्षेत्र में हो या रोजगार के क्षेत्र में या सार्वजनिक सेवाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, संचार, परिवहन व अन्य शासकीय सेवाओ के रूप में हो वो हर कार्य उत्तम से भी सर्वोत्तम करके दिखाया है जो कि आज न्यायशील “दिल्ली मॉडल” के रूप में पूरी दुनिया मे चरितार्थ हो रहा है।
देश के राजनैतिक इतिहास में यह पहली बार आमआदमीपार्टी द्वारा ही किया जा रहा है कि जो सार्वजनिक सेवाएँ-सुविधाएँ मात्र सांसदों-विधायकों, मंत्रियों की बपौती हुआ करती थीं वो आज आदरणीय केजरीवाल जी के कुशल नेतृत्व व न्यायशील नियम नीति निर्णयों पर आधारित व्यवस्था के कारण जन-जन को वितरित किये जा रहे हैं और विभिन्न राज्यों में जहाँ आमआदमीपार्टी की उपस्थिति नही हैं वहाँ के नागरिक मानवजीवनविकास पर आधारित इस “दिल्ली मॉडल” की आस लगाए आतुर बैठे हैं।
अतिसशयोक्ति नही होगी आगामी 2022 के विभिन्न राज्यों के चुनाव परिणाम पुनः सम्पूर्ण दुनिया को आश्चर्यचकित करने वाले निकलें।
क्योंकि कई एजेंसियों के सर्वे इसी उपरोक्त आश्चर्यचकित करने वाले परिणामों की ओर इशारा करते नज़र आ रहे हैं भले ही मौजूदा गोदी मीडिया उन्हें सार्वजनिक स्वीकारने से बच रही है लेकिन ऑफ द कैमरा अस्वीकार भी नही कर रही।
आमआदमीपार्टी की मौजूदा सत्संकल्पित घोषणाओं में से सबसे महत्वपूर्ण घोषणा;
उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश के युवा बेरोजगार साथियों के लिए प्रदेश में आमआदमीपार्टी की सरकार बनने पर सालाना 10 लाख रोजगार के अवसर व संसाधन सर्जन करना और जबतक वे रोजगार के अवसर व संसाधनों से वंचित रहेंगे तबतक उन्हें ₹5000 का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
दूसरी अतिमहत्वपूर्ण सत्संकल्पित घोषणा; महिला सशक्तिकरण हेतु 18 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक बहन, बेटी, माताओं को प्रतिमाह ₹1000 की सम्मान राशि वितरित करना।
यह सब सत्यात्मक नियत वाले नेतृत्वकर्मियों द्वारा ही सम्भव है और अब विभिन्न प्रदेशों के नागरिक जान चुके हैं कि उनके जीवनोत्थान में सहायक सिर्फ आमआदमीपार्टी ही हो सकती है।
आम जनता की झाड़ू चलना तय है।
बाकी सब जय-जय सियाराम।।

✍ राम गुप्ता, स्वतंत्र पत्रकार
अति साधारण कार्यकर्ता, प्रचारक
आमआदमीपार्टी, उत्तरप्रदेश